चौथे चरण का चुनाव संपन्न, 57 प्रतिशत मतदान

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Image caption मायावती को भरोसा है कि वो सत्ता में वापस लौटेंगीं

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान रविवार शाम संपन्न हो गया. इस चरण में 57 प्रतिशत से ज्यादा मतदान की खबर है.

चौथे चरण में राजधानी लखनऊ सहित 11 ज़िलों की 56 सीटों पर रविवार को मतदान हुआ.

मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है.

लखनऊ में मौजूद बीबीसी संवाददाता पकंज प्रियदर्शी के मुताबिक लखनऊ और आसपास के इलाकों में धीमी शुरुआत के बाद मतदान में तेज़ी आई है. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक़ दोपहर 1 बजे तक 36 प्रतिशत मतदान हो चुका था.

लखनऊ में मुख्यमंत्री मायावती, भाजपा नेता कलराज मिश्र, राजनाथ सिंह, उमा भारती और कॉंग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी, ने मतदान किया. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि वो फिर मुख्यमंत्री बनेगीं. उन्होंने कहा " मेरी चुनावी सभाओं में भारी भीड़ हो रही है उसको देखते हुए मैं 2007 से भी ज़्यादा बहुमत के साथ वापस सत्ता में वापस अऊँगीं."

मायावती की ही तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा की नेता उमा भारती ने भी उतने ही विशवास के साथ कहा "चप्पा-चप्पा भाजपा". भारती के अनुसार भाजपा अपने दम पर सरकार बनाएगी.

मतदान शांतिपूर्ण

मतदान केन्द्रों पर पहली बार वोट डाल रहे मतदाताओं की भी खासी तादाद दिखाई दी.

सुबह मौसम में ठंडक की वजह से मतदान की रफ़्तार कुछ कम दिखी लेकिन जैसे जैसे सूरज चढ़ता गया मतदान का प्रतिशत बढ़ता गया. हर जगह चुनाव आयोग की सुरक्षा इंतजामों में अभूतपूर्व सख्ती दिखी. लखनऊ सदर से भाजपा प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट राधेश्याम त्रिपाठी को शिकायत थी कि पुलिस उन्हें बूथ के अन्दर नहीं जाने दे रही है.

राज्य की राजधानी लखनऊ में ही आलमबाग सीट के चंदन नगर इलाके में एक पीठासीन अधिकारी राजन लाल की दिल का दौरा पड़ने से वोटिंग के दौरान के मृत्यु हो गई.

इसके अलावा खबर लिखे जाने तक कहीं से भी कोई बड़ी शांति भंग की खबर नहीं आई.

बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी ने बताया है कि उन्नाव में मतदान को लेकर काफ़ी उत्साह है. ख़ासकर गोपीपुरम इलाक़े में काफ़ी भीड़ है जिसमें युवकों की तादाद सबसे ज़्यादा है.

Image caption मतदान केन्द्रों पर पहली बार वोट डाल रहे मतदाताओं की भी खासी तादाद दिखाई दे रही है

रामदत्त त्रिपाठी के मुताबिक मतदाता ज़्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है. इस चरण में कुल 1044 प्रत्याशियों की क़िस्मत दांव पर है. इसमें मौजूदा सरकार के दो कैबिनेट समेत कुल चार मंत्री, 32 विधायक, 12 पूर्व मंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी समेत कई क्षत्रप तथा बाहुबली शामिल हैं.

चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में क़रीब 1.73 करोड़ मतदाता इनके भाग्य का फ़ैसला करेंगे.

इस चरण में जो प्रमुख लोग मैदान में अपनी क़िस्मत आज़मा रहे हैं उनमें राज्य सरकार के चार मंत्री नकुल दूबे, अब्दुल मन्नान, रामपाल वर्मा और अयोध्या प्रसाद भी शामिल हैं.

लखनऊ

लेकिन इस चरण में शायद सबकी निगाहें राजधानी लखनऊ पर टिकी हुई हैं. लखनऊ में कुल आठ सीटें हैं जिनमें शहरी क्षेत्र की चार सीटें और ग्रामीण क्षेत्र की चार सीटें शामिल हैं.

एक ज़माने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा जिसमें भाजपा के करिशमाई नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सक्रिय नहीं हैं.

लखनऊ से कई बार सांसद रहे वाजपेयी ने 2007 के विधान सभा चुनाव में अपने करिश्मे से पार्टी को शहर की चारों सीट पर जीत दिलाई थी जबकि चार ग्रामीण सीटें सपा और बसपा के झोली में गईं थीं. कांग्रेस यहां खाता भी नहीं खोल पाई थी.

लेकिन इस बार मामला अलग है. वाजपेयी के बगैर भाजपा चुनावी मैदान में है तो कांग्रेस इस शहर में अपना खाता खोलने के लिए एड़ी-चोटी लगा रही है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी लखनऊ छावनी सीट से लड़ रहीं हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य कलराज मिश्र लखनऊ (पूर्वी) सीट से मैदान में हैं. चुनावी दंगल का पहला अनुभव ले रहे मिश्र के लिए यह चुनाव उनकी प्रतिष्ठा का सवाल है.

लखनऊ से भाजपा सांसद लालजी टंडन के पुत्र आशुतोष टंडन उर्फ़ गोपाल लखनऊ (उत्तरी) सीट से मैदान में हैं लिहाज़ा इस सीट का चुनाव पार्टी के वरिष्ठ नेता की प्रतिष्ठा से जुड़ा है.

दिग्गज

प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी का चुनावी भाग्य का फ़ैसला भी इसी चरण में होगा जो प्रतापगढ़ की रामपुर ख़ास सीट से पार्टी प्रत्याशी हैं. वह लगातार नौंवी बार विधानसभा में जाने की कोशिश कर रहे हैं.

चौथे चरण के चुनाव में केन्द्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद की पत्नी लुइस खुर्शीद के चुनाव क्षेत्र फ़र्रुख़ाबाद सदर में भी मतदान है

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Image caption केन्द्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद की पत्नी लुइस के चुनाव क्षेत्र फ़र्रुख़ाबाद सदर में भी मतदान हो रहा है

सलमान ख़ुर्शीद ने फ़र्रूख़ाबाद में ही एक चुनावी जनसभा के दौरान अल्पसंख्यकों को नौ प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही थी जिसको लेकर काफ़ी बवाल मचा था और चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री से उनकी शिकायत की भी की थी.

बाद में सलमान ने चुनाव आयोग से लिखित माफ़ी मांगकर इस मामले को रफ़ा-दफ़ा किया.

बाहुबली

रायबरेली सदर सीट से पीस पार्टी के उम्मीदवार बाहुबली विधायक अखिलेश प्रताप सिंह और प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से बाहुबली निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया की क़िस्मत का फ़ैसला भी इसी चरण में होगा.

बुंदेलखण्ड में महिला सशक्तीकरण के पैरोकार गुलाबी गैंग की मुखिया सम्पत पाल भी इसी चरण में अपनी क़िस्मत आज़मा रहीं हैं. वह चित्रकूट की माणिकपुर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी हैं.

चित्रकूट की कर्वी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे बुंदेलखण्ड में इनामी डकैत रहे ददुआ के पुत्र वीर सिंह पटेल की क़िस्मत का फ़ैसला भी इसी चरण में होगा.

चौथे चरण में रविवार को जिन ज़िलों में चुनाव हो रहे हैं उनमें हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, फतेहपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं.

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