डीजीसीए ने किंगफिशर से 24 घंटे में जवाब माँगा

इमेज कॉपीरइट AFP

किंगफिशर एयरलाइंस की उड़ानें लगातार रद्द होने के मामले पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वो ये जानकारी उपलब्ध कराए कि वो आख़िरकर कितनी उड़ानें संचालित कर रहा है.

मंगलवार को डीजीसीए और कंपनी के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में जो कुछ हुआ उस पर डीजीसीए अपनी रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को देगा.

डीजीसीए के महानिदेशक भारत भूषण ने पत्रकारों को बताया कि किंगफिर ने माना है कि उसकी 64 में से 28 उड़ानें ही अभी चालू हैं.

पिछले कई दिनों से किंगफिशर की कई उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं जिस वजह से यात्रियों को काफ़ी दिक्कत झेलनी पड़ रही है. कई लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें पहले से इस बारे में सूचित भी नहीं किया गया था.इन सब शिकायतों के बाद डीजीसीए ने किंगफिशर से जवाब माँगा था.

पायलटों की कमी नहीं: किंगफिशर

किंगफिशर के साथ बैठक के बाद डीजीसीए ने कहा है, "कंपनी को स्पष्ट शब्दों में बता दिया गया है कि यात्रियों को उड़ान रद्द होने की सूचना पहले से देनी होगी. टिकट रिफ़ंड के नियमों का भी पालन करना होगा."

वहीं किंगफिशर ने कहा है कि जितनी भी उड़ानें पिछले दिनों रद्द हुई हैं वो अगले पाँच-छह दिनो में चालू हो जाएँगी.

बड़े पैमाने पर पायलटों के इस्तीफ़े की ख़बर पर कंपनी का कहना है कि पायलटों की कोई कमी नहीं है और इस वजह से कोई उड़ान रद्द नहीं की गई है.

डीजीसीए ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि कोलकाता से पिछले कई दिनों से कोई भी उड़ान नहीं गई है जो चिंताजनक है क्योंकि पूर्वोत्तर के राज्यों तक जाने के लिए कोलकाता अहम पड़ाव है.

डीजीसीए के महानिदेशक ने अभी किंगफिशर पर कोई भी कड़ा कदम लेने की बात से इनकार करते हुए कहा कि इससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

डीजीसीए को किंगफिशर ने ये भी बताया है कि कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है और इसका समाधान निकाला जा रहा है

संबंधित समाचार