इतिहास के पन्नों में 26 फरवरी

वर्ष 1991 में 26 फ़रवरी के दिन इराकी फौज अमरीका और सहयोगी सेना की ओर से किए गए हमले के बाद कुवैत सिटी शहर छोड़कर चली गई थीं. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में इसी दिन 1993 में हमला हुआ था जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी.

1991: इराकी फौजों ने कुवैत छोड़ा

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Image caption 30 दिसंबर 2006 को सद्दाम हुसैन को मौत के घाट उतार दिया गया था

200 से ज्यादा दिनों तक कुवैत पर कब्जे के बाद 26 फरवरी 1991 को इराकी फौज को देश छोड़ना पड़ा था. कुवैत पर इराकी हमले के बाद अमरीका और सहयोगी सेना ने इराकी सेना पर हमला कर दिया था.

राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने सुबह सेना को आदेश दिया था कि वो कुवैत छोड़ना शुरू कर दें. उन्होंने कहा कि वो ऐसा आदेश इसलिए दे रहे हैं क्योंकि 30 देश इराक के खिलाफ हो गए हैं और अमरीका ने इराक के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया है.

इराक में सबसे पहले घुसने वाला गुट 12 अमरीकी मरीन सैनिकों का था जो शाम को कुवैत सिटी पहुँचा. उनके साथ कुवैती गुरिल्ला सैनिक थे.

कुवैत पर हमले के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराकी फोजों को उखाड़ फेंकने की घोषणा की थी.

कुवैत को आजाद करवाने के अलावा उन्होंने कहा था कि सहयोगी सेना दक्षिणी इराक को भी छुड़ाना चाहती है और सद्दाम हुसैन के रिपब्लिकन गार्ड को भी हराना चाहती है.

जब ईराक ने संयुक्त राष्ट्र के सभी 12 प्रस्तावों को मान लिया तो दो दिन बाद राष्ट्रपति बुश ने युद्दविराम की घोषणा कर दी.

युद्धविराम की दो शर्ते थीं. पहली ये कि लड़ाई में पकड़े गए अमरीका और सभी सहयोगी देशों के सैनिकों को वापस कर दिया जाए. दूसरा कि इराक के कुवैत पर सभी दावे खत्म हों.

सद्दाम हुसैन इराक में मार्च 2003 तक सत्ता में थे जब जॉर्ज डब्ल्यू बुश की सेना ने इराक पर हमला किया.

ब्रितानी और आस्ट्रेलिया की सेना की मदद से वो सद्दाम हुसैन को हराने में सफल रहे.

दिसंबर 2003 में आखिरकार सद्दाम को पकड़ लिया गया और एक इराकी अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई. 30 दिसंबर 2006 को उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया.

1993: न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला

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Image caption इस बम हमले से अमरीका में लोग चौंक गए क्योंकि अमरीका में इस तरह का हमला पहले कभी नहीं हुआ था

आज ही के दिन न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर बम हमले में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हो गए थे.

इस बम हमले से अमरीका में लोग चौंक गए क्योंकि अमरीका में इस तरह का हमला पहले कभी नहीं हुआ था.

न्यूयॉर्क राज्य के गवर्नर मारियो कुओमो ने भावुक अंदाज में पत्रकारों से कहा कि किसी विदेशी ताकत ने आज तक ऐसा कृत्य पहले कभी नहीं किया.

मई 1994, चार लोगों मोहम्मद सालामेह, निदाल अय्याद, महमूद अबूहालिमा और अहमद अजाज को घटना के लिए दोषी पाया गया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

अक्तूबर1995 में ब्रुकलिन की मस्जिद के एक धार्मिक नेता शेख उमर अब्देल रहमान को हमले की साजिश रचने के लिए उम्र कैद की सजा दी गई.

उन पर न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की हत्या करने का भी आरोप लगा.

माना जाता है कि रहमान की संस्था का ताल्लुक अल-कायदा से था.

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