'भारत की परमाणु परियोजनाओं से दिक्कत नहीं'

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Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुडनकुलम में जारी गतिरोध के लिए कुछ अमेरिकी गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था.

कुडनकुलम परमाणु प्लांट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का रूस ने समर्थन किया है. उधर परमाणु संयंत्र के खिलाफ 'पीपुल्स मूवमेंट' के संयोजक एसपी उदय कुमार प्रधानमंत्री पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुडनकुलम परमाणु प्लांट में जारी विरोध के लिए अमरिका समर्थित कुछ गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था.

मनमोहन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत में रूस के राजदूत एलैग्ज़ेंडर कडाकिन ने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले से ही आशंका थी.

कडाकिन ने कहा, "कुडनकुलम दुनिया का बेहतरीन और सबसे सुरक्षित परमाणु ऊर्जा संयंत्र है."

इस बीच भारत में अमरीका के दूत पीटर बर्लेग ने कहा है कि अमरीका किसी भी रुप में भारत के परमाणु विकास कार्यक्रमों का विरोधी नहीं है.

प्रधानमंत्री के बयान के बाद सरकारी अमले में भी हलचल तेज हो गई है. ऐसी खबरे हैं कि केंद्र सरकार ने तीन एनजीओ के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उनसे उनकी आय के स्रोत और आर्थिक जानकारियां मांगी हैं.

हाल ही में 'सांइस' पत्रिका को दिए अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में इस विरोध के कारण कठिनाई आई है.

उन्होंने कहा था कि विरोध में शामिल अधिकतर गैर सरकारी संगठनों को अमरिका और स्कैंडिनेवियाई देशों से आर्थिक मदद मिल रही है.

मुकदमा

उधर कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के खिलाफ जनांदोलन कर रहे 'पीपुल्स मूवमेंट' के संयोजक एसपी उदय कुमार प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद उनपर मानहानि का मुकदमा करने की बात कर रहे हैं.

उदय कुमार ने कहा, ''उन्होंने मुझ पर किसी से डेढ़ करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया था. इसलिए मैने उन्हें एक कानूनी नोटिस भेजा है.''

उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा और मुझे विस्तार से जवाब भेजा है. अपने जवाब में उन्होंने आईडिया नाम की स्वीडन की किसी संस्था से वित्तीय लेनदेन का जिक्र किया है. वो किसी तरह मुझे इस संस्था के साथ जोडना चाह रहे हैं. मैं इस बारे में अपने वकील से बात करने जा रहा हूँ.''

इससे पहले परियोजना में देरी का ठीकरा अमरीका के गैर सरकारी संगठनों के सिर फोड़ने के लिए प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कई संगठनों ने उनसे बयान वापस लेने या इस्तीफा देने की मांग की थी.

क्या कहा था पीएम ने

कुडनकुलम परमाणु संयंत्र शुरू होने में देरी के लिए अमरीका के गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार ठहराते हुए मनमोहन सिंह ने 'साइंस' जर्नल से कहा था कि ये समूह भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को नहीं समझ पा रहे हैं.

कुडनकुलम परमाणु संयंत्र तमिलनाडु के तिरुनलवेली जिले में स्थित है जहां एक हजार मेगावॉट के दो संयंत्र शुरू होने हैं.

सुरक्षा चिंताओं पर स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का काम बाधित होता रहा है.

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