'ईवीएम मशीनों को नुकसान नहीं'

  • 27 फरवरी 2012
ईवीएम मशीन इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption लखनऊ में स्ट्रॉन्ग रूम में पानी रिसने की खबर आई है जहां ईवीएम मशीनें रखी हैं

ईवीएम मशीनों वाले कमरे में पानी घुस जाने की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने लखनऊ पॉलीटेक्निक में मौजूद स्ट्रांग रूम को खुलवाया है.

स्ट्रांग रूम विधानसभा चुनाव से जुड़े उम्मीदवारों की मौजूदगी में खोला गया.

लेकिन कमरे को खुलवाए जाने पर पाया गया कि ख़बरों के मुताबिक़ स्ट्रांग रूम में पानी नहीं घुसा था. हां उसकी छत से पानी का हलका रिसाव हो रहा था.

चुनाव आयोग का कहना है कि ईवीएम मशीनों को किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहुंची है.

पहले इस तरह की ख़बरे आई थीं कि लखनऊ पॉलीटेक्निक के उस कमरे में पानी घुस गया है जिसमें मतदान के बाद ईवीएम मशीनें रखी गई थीं.

आयोग ने निर्देश दिया था कि प्रशासन की उपस्थिति में इस कमरे को खोला जाए और उसका निरीक्षण किया जाए. साथ ही यह भी कहा था कि कमरा सरोजनी नगर और मोहनलालगंज विधान सभा सीटों के सभी उम्मीदवारों के सामने खोला जाए.

दिन में तीन बजे हुई बैठक के बाद ये फैसला लिया गया.

हंगामा

इससे पहले, खबर आई थी कि लखनऊ के पोलिटेक्निक कालेज की इमारत में छत से पानी लीक होकर अंदर स्ट्रॉन्ग रूम में चला गया है, जहाँ मतदान के बाद ईवीएम मशीनें रखी हुई हैं. इस खबर से राजनीतिक दलों में हडकंप मच गया.

समाचार के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी उमेश सिन्हा ने फोन पर बीबीसी से कहा था कि चुनाव आयोग के प्रेक्षक आज ईवीएम मशीनों का निरीक्षण करके देखेंगे कि कोई नुकसान तो नही हुआ.

घटना के निरीक्षण के लिए निर्वाचन आयोग ने असीम खुराना और डॉ. अरविंदर सिंह को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था.

जिस कमरे से पानी बाहर बहता पाया गया है उसमे सरोजनी नगर विधान सभा क्षेत्र की मशीनें रखी हैं.

आयोग ने मशीनों के निरीक्षण के दौरान उम्मीदवारों को भी उपस्थित रहने की अनुमति दे दी है, हालांकि पहले जिला मजिस्ट्रेट ने इसके लिए मना कर दिया था.

शनिवार को करीब पांच बजे सुरक्षा बल सीआरपीएफ जवानों ने स्ट्रोंग रूम से पानी बहते देखा तो फ़ौरन जिला मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दी.

निर्वाचन निदेशालय के अधिकारियों को आशंका थी कि सरोजनीनगर क्षेत्र की कुछ मशीनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट अनिल सागर ने पत्रकारों से कहा है कि मशीने सुरक्षित हैं.

जिला मजिस्ट्रेट मौके पर काफी देर से पहुंचे इसको लेकर राजनीतिक दलों में नाराजगी थी.

जिला मजिस्ट्रेट ने उम्मीदवारों अथवा पत्रकारों को इमारत के अंदर नही जाने दिया, इस बात को लेकर भी रोष था.

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