कुडनकुलम प्लांट का मामला:जर्मन नागरिक को वापस भेजा

  • 28 फरवरी 2012
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Image caption कुडनकुलम के परमाणु प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन की एक फाइल तस्वीर

जर्मनी के एक नागरिक को कुडनकुलम के परमाणु प्लांट के खिलाफ प्रदर्शनों में कथित तौर पर सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार कर उनके देश वापस भेज दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा कि पुलिस सूत्रों के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों की सूचना के बाद सोनटेग रेनर हर्मन (49) को सोमवार रात को गिरफ्तार किया गया था.

इस आरोपी को नागरकोल के एक होटल से हिरासत में लिया गया. उन्हें इस परमाणु प्लांट के खिलाफ प्रदर्शनों पर निगरानी रखने वाली तमिलनाडु पुलिस की 'क्यू' शाखा ने गिरफ्तार किया था.

हर्मन को सोमवार को जाँच के लिए चेन्नई लाया गया था और बाद में उन्हें रात करीब एक बजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ले जाया गया जहाँ से उन्हें उनके देश वापस भेज दिया गया.

बयान पर विवाद

इससे पहले कुडनकुलम परमाणु प्लांट पर उस समय विवाद हो गया था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस प्लांट में जारी विरोध के लिए अमरिका समर्थित कुछ गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था.

केंद्र सरकार ने तीन एनजीओ के लाइसेंस रद्द कर दिए थे और उनसे उनकी आय के स्रोत और आर्थिक जानकारियां मांगी गईं.

प्रधानमंत्री ने 'सांइस' पत्रिका को दिए अपने एक साक्षात्कार में साफ तौर पर कहा था कि परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में इस विरोध के कारण कठिनाई आई है.

उन्होंने कहा था कि विरोध में शामिल अधिकतर गैर सरकारी संगठनों को अमरिका और स्कैंडिनेवियाई देशों से आर्थिक मदद मिल रही है.

कुडनकुलम परमाणु प्लांट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का रूस ने समर्थन किया था.

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