केरल:कोर्ट ने अदालत के बाहर समझौते पर पूछा सवाल

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Image caption इतालवी विदेश मंत्री कोच्चि का दौरा भी करने वाले हैं.

दो भारतीय मछुआरों को मारने के आरोप में गिरफ़्तार इतालवी जहाज़ के नाविकों पर चल रहे मुकदमें के विषय में भारत और इटली के बीचमतभेद जारी हैं.

भारत की यात्रा पर आए इटली के विदेश मंत्री गिलियो तेर्ज़ी के साथ दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि दोनों देशों के बीच परिपक्व रिश्ते इस चुनौती से पार पाने में सहायक सिद्ध होंगे.

इटली के समुद्री जहाज़ एनरिका लेक्सी के गार्डों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री डाकू समझ कर गोली चला दी थी. इस घटना में दो मछुआरे मारे गए थे. इस समय इन दोनों केरल की अदालत में मुकदमा चल रहा है.

उधर मंगलवार को केरल हाई कोर्ट ने जहाज़ के मालिकों और मारे मछुआरों के परिजनों पूछा है वे अदालत से बाहर समझौते के लिए तैयार हैं या नहीं.

भारत की यात्रा पर आए इटली के विदेश मंत्री ने दिल्ली में अपनी सरकार का ये पक्ष एक बार फिर दोहराया कि ये घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा में हुई है.

'पाइरेसी के ख़तरे के कारण हुआ हादसा'

उन्होंने कहा, “मैं इटली की लोगों की तरफ से मारे गए मछुआरों को श्रृद्धांजलि देता हूं. ये घटना पाइरेसी की भय की वजह से हुई है. ये दुर्भाग्यशाली घटना पाइरेसी के व्यापक खतरे के कारण हुई है. ”

हिंद महासागर में पिछले कुछ सालों में पाइरेसी यानि समुद्री डकैतियों का वारदातें बढ़ी हैं जिसके चलते इस रूट का प्रयोग करने वाले समुद्री जहाज़ बेहद सतर्क रहते हैं.

भारतीय विदेश मंत्री ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों देशों के रिश्ते मज़बूत नींव पर टिके हैं और इसी से उन्हें मौजूदा चुनौती को पार पाने में सहायता मिलेगी.

कृष्णा ने कहा कि मछुआरों की मौत और नाविकों की गिरफ़्तारी पर दोनों देश में काफ़ी आम राय एक दूसरे से विपरीत है.

इतालवी विदेश मंत्री ने कहा कि नाविकों पर की जा रही क़ानूनी कार्यवाही पर भारत में इटली में मतभेद बरकरार हैं.

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Image caption इटली का कहना है कि उनके नाविक अंतरराष्ट्रीय सीमा थे इसलिए उनपर भारतीय अदालत में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता.

विदेश मंत्री गिलियो तेर्ज़ी ने कहा, “इस मुद्दे पर कानूनी पहलुओं के बारे में हमारी राय अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित है. इस पर भारत और इटली में मतभेद है जिसे सुलझाया नहीं जा सका है.”

भारतीय विदेश मंत्री ने भी माना कि अधिकार-क्षेत्र के विषय में दोनों देशों की राय अलग है.

अदालत के बाहर समझौते के लिए तैयार?’

उधर केरल हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों से मंगलवार को पूछा कि क्या वे अदालत से बाहर समझौते के लिए तैयार हैं ना नहीं.

अदालत ने सवाल उस याचिका के बाद उठाया जिसमें मारे गए मछुआरों के परिवार ने मुआवज़े के लिए दी गई बैंक गांरटी को अपर्याप्त बताया था.

मारे गए मछुआरे वेलेंटाइन जलास्टीन के पत्नी ने एक करोड़ मुआवज़ा मांगा है जबकि दूसरे मछुआरे की बहनों ने हाई कोर्ट से दो करोड़ की राहत की मांग की है.

साथ ही जिस नाव पर ये मछुआरे सवार थे उसके मालिक ने भी 75 लाख की राहत की मांग रखी है.

अदालत ने कोच्चि बंदरगाह पर खड़े इतालवी जहाज़ को वहां से ना हटने का भी आदेश दिया है.

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