मायावती के गढ़ में मतदान की आँखों-देखी

बादलपुर
Image caption बादलपुर में ऐसे भी लोग हैं जो नहीं चाहते कि मायावती दोबारा सत्ता में आएं.

मुख्यमंत्री मायावती के गाँव बादलपुर में मंगलवार को भारी मतदान हुआ.

मतदान अधिकारियों के अनुसार लगभग अस्सी फीसदी गाँव वालों ने अपना वोट डाला.

मतदान केंद्र कुमारी मायावती कन्या इंटर कालेज के बाहर शाम पांच बजे के बाद भी काफी चहल पहल थी.

लोग नहर की पुलिया पर बैठकर प्रदेश की राजनीति पर चर्चा कर रहें थे. मुख्यमंत्री मायावती की निर्माणाधीन आलिशान कोठी और कोठी के इर्द गिर्द पार्कों आदि के लिए जबरन जमीन अधिग्रहण चर्चा के मुख्य विषय थे.

यह गाँव मायावती ने नाम पर विभाजित है. यहाँ बहुजन समाज पार्टी के अलावा भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और गाँव की ही एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी को भी समर्थन मिला.

रिश्ते में मायावती की भतीजी उषा और परिवार के लोगों को कहना है कि उनके गाँव में बहुत विकास हुआ. नालियां बनीं , खडंजे लगे. इसलिए उनका वोट हाथी पर गया.

मजदूरी करके पेट पालने वाली वरीसा महंगाई से दुखी थी, पर वोट हाथी पर दिया.

लेकिन वहीं दूसरी ओर गांव के जगदीश नम्बरदार, मामराज सिंह और दूसरे कई लोग कह रहें थे कि जबरिया जमीने छीने जाने से गाँव के लोग बहुत दुखी हैं. वे लोग नही चाहते कि मायावती फिर से मुख्यमंत्री बनें.

मायावती के तौर तरीकों से दुखी इन लोगों का कहना है कि दोबारा मुख्यमंत्री बनी तो जान से मरवा देंगीं.

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