रक्षा मंत्री: रूटीन चैक, जासूसी नहीं

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Image caption एके एंटनी ने उनके कार्यालय में 'बगिंग' की ख़बरों को निराधार बताया है.

भारत के रक्षा मंत्रालय ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिनमें रक्षामंत्री एके एंटनी के कार्यालय में 'बगिंग' यानि छिपा हुआ माइक्रोफ़ोन लगाने की बात कही जा रही थी.

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ये ख़बर सही नहीं है.

बयान में कहा गया है, “मीडिया के कुछ हिस्सों में दी जा रही साउथ ब्लॉक कार्यालय में 'बगिंग' की ख़बर सच नहीं है. रक्षामंत्री और साउथ ब्लॉक के अन्य दफ़्तरों में रूटीन चैकिंग होती रहती है. ऐसी चैकिंग के बाद कुछ भी नहीं पाया गया है.”

इससे पहले शुक्रवार को समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया यानि पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी थी कि रक्षा सचिव ने इंटेलिजेंस ब्यूरो को रक्षामंत्री के कार्यालय में 'छिपे हुए उपकरणों' की संभावना की जांच को कहा था.

मंत्रालय के खंडन के अलावा रक्षा मंत्री ने भी इस ख़बरों को निराधार बताया है.

उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों को बताया, “ ऐसे रूटीन चैक होते रहते हैं. इस बार भी जांच हुई है. लेकिन 'बगिंग' की ख़बरे बिल्कुल आधारहीन हैं. ”

पिछले साल भी ऐसी ही एक घटना की ख़बरें आई थीं जिनमें वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के कार्यालय में जासूसी के उपकरण होने की बात उठी थी.

वित्त मंत्रालय ने गोंद जैसा चिपकना वाला पदार्थ पाए जाने के बाद जांच के आदेश दिए थे. चिपकने वाला पदार्थ पाए जाने से ये संदेह जताया गया था कि कहीं इसका प्रयोग जासूसी उपकरण फिट करने के लिए तो नहीं किया गया है.