समापन के दिन भी उत्तर प्रदेश में भारी मतदान

  • 3 मार्च 2012
मतदाता
Image caption इस बार मतदाताओं में पहले से ज्यादा उत्साह दिख रहा है

सातवें और अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश में 62% मतदान हुआ है. जबकि गोवा में 81% मतदान के साथ नया रिकार्ड बना है.

शनिवार को हुए मतदान के बाद 2012 विधान सभा चुनावों में मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई है.

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में हुए इन विधान सभा चुनावों के नतीजे 6 मार्च को घोषित किए जाएंगे.

दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने इस बात की जानकारी दी कि कुल मिलाकर सभी जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा है.

शनिवार को उत्तर प्रदेश में मतदान की प्रक्रिया धीमी गति से शुरू हुई लेकिन दोपहर बाद इसने तेजी पकड़ ली थी.

इस चरण में 10 जिलों की 60 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ.

विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलाकर कुल 962 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस चरण में कुल एक करोड़ 80 लाख से अधिक मतदाता हैं.

मतदान के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत जैसे विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे क्योंकि ये बड़े नेताओं के क्षेत्र हैं.

'वोटर चालाक हो गया है'

रामपुर में मौजूद बीबीसी संवाददाता सुशील झा के अनुसार सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों में लोगों की भीड़ नज़र आने लगी थी. हालांकि बाद में भीड़ में कुछ कमी नजर आने लगी.

रामपुर से सांसद जयाप्रदा भी सुबह सुबह मतदान करने पहुँचीं थी.

वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने 300 उम्मीदवार उतारें हैं और उनका मुख्य उद्देश्य मुलायम सिंह को किसी भी तरह सरकार बनाने से रोकना है.

सुबह सात बजे ही वोट डालने पहुंचे सुनील सक्सेना का कहना था, ‘‘मैंने आज अपने काम की लिस्ट बनाई थी और तय किया थी कि सबसे पहला काम यही करुंगा. वोट डालना हमारी जिम्मेदारी है और मैं समझता हूं यहां भी रिकॉर्ड बनेगा.’’

मुर्तजा राजकीय इंटर कालेज में सबसे पहला वोट डालने वाले राशिद शम्सी और उनकी पत्नी का कहना था, ‘‘हम जोशो-खरोश से वोट डालने आए थे. मार्निंग वाक के दौरान ही हमने वोट डाल दिया. हम आपको नहीं बताएंगे कि हमने किसको वोट दिया है लेकिन आप ये जान लीजिए कि वोटर चालाक हो गया है. हमने तो परिवार में सबसे कहा है वो वोट डालने ज़रुर आएं.’’

अन्य मतदान केंद्रों पर दिन के साढ़े नौ बजे ही लंबी लाइनें लग गई थीं और वोट डालने वालों में महिलाओं की लाइनें काफी लंबी दिखाई पड़ी.

अमीर बेगम का कहना था कि वो चाहती थीं कि घर का काम बाद में करें और पहले वोट ही डाल दें. उनका कहना था, ‘‘आज़म खान साहब हमारी नाक हैं. हमने तो उनके लिए ही वोट किया है’’

हालांकि पास में ही खड़े ताज मोहम्मद का कहना था, ‘‘हमें पूरा यकीन है कि आजम खान साहब हारेंगे. उन्होंने हमारी कोई मदद नहीं की. हम तो कांग्रेस को वोट डाल कर आए हैं.’’

वोट डाल कर बाहर आए सुहैल खान का कहना था कि मुद्दा बिजली, विकास और बेरोजगारी है और यहां का विकास सिर्फ समाजवादी पार्टी करवा सकती है.

Image caption मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे

एक अन्य पोलिंग बूथ पर लोगों का कहना था कि विकास कम हुआ है लेकिन आने वाले दिनों में बसपा के राज में और विकास होगा.

बसपा समर्थक आनंद सागर फोटो नहीं खिंचवाना चाहते लेकिन कहते हैं, ‘‘मैंने अपना फर्ज निभाया है. बहनजी के कार्यकाल में विकास हुआ है. लोग भ्रम फैला रहे हैं कि विकास नहीं हुआ है.’’

बीबीसी संवाददाता सुशील झा के अनुसार इक्का दुक्का स्थानों पर ईवीएम मशीनों में आई छोटी मोटी खराबी के अलावा मतदान का काम सुचारु रुप से चल रहा है.

कुछ स्थानों पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं या फिर उनके पास पहचान पत्र न होने की वजह से उन्हें वोट डालने में दिक्कतें हुई हैं.

गोवा में मतदान

इसके अलावा शनिवार को ही गोवा राज्य विधानसभा के लिए भी मतदान हुआ.

चुनाव आयोग के मुताबिक़ गोवा में मतदान पूरा होने पर उसका प्रतिशत 81 रहा.

वहाँ 40 विधानसभा सीटों के लिए 215 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 74 निर्दलीय हैं.

कुछ 15 लाख मतदाताओं ने 1600 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

राज्य चुनाव आयोग ने 180 मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना है और वहाँ सुरक्षा और निगरानी के अतिरिक्त प्रावधान किए गए.

गोवा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस-एनसीपी और बीजेपी-एमजीपी के बीच है.

प्रतिपक्ष के नेता मनोहर परिक्कर पणजी से एक बार फिर मैदान में हैं जबकि मुख्यमंत्री दिगंबर कामथ मारगांव से चुनाव लड़ रहे हैं.

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