बेनी प्रसाद के बयान से कांग्रेस ने किया किनारा

बेनी प्रसाद वर्मा
Image caption बेनी प्रसाद वर्मा पहले भी अपने बयानों के कारण ख़बरों में रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि बेनी प्रसाद वर्मा का ये कहना कि उनकी पार्टी बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन कर सकती है, उनकी निजी राय है.

रविवार को केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था कि वे समाजवादी पार्टी की तुलना में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन को तरजीह देंगे.

बेनी प्रसाद ने लखनऊ में कहा, "बसपा तो ठीक है. दलितों की पार्टी है. पर सपा तो गुंडों की पार्टी है. सारा प्रदेश परेशान हो जाएगा. सरकार बनाने की चाबी कांग्रेस के हाथ में है और कांग्रेस सरकार बनाएगी. अगर सहयोग लेना होगा तो सपा से अच्छी है बसपा. सपा गुंडागर्दी वाली पार्टी है, प्रदेश परेशान हो जाएगा. बसपा दलित लोगों की पार्टी, इसलिए ठीक है. "

बेनी प्रसाद वर्मा के इस बयान के उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी, राज्य में कांग्रेस विधायक मंडल की नेता रीता बहुगुणा जोशी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राशिद अल्वी ने खारिज कर दिया है.

रीता बहुगुणा जोशी ने साफ किया, "हमने सैकड़ों बार ये कहा है कि मायावती सरकार ने राज्य को ख़राब प्रशासन दिया है. जब भी कोई राजनीतिक निर्णय लिया जाएगा, हाई कमान द्वारा ही लिया जाएगा. लेकिन इस समय हमारी स्थिति साफ है. बेनी प्रसाद वर्मा का ये निजी बयान है."

ये पहली बार नहीं है जब बेनी प्रसाद वर्मा के बयानों से पार्टी ने किनारा किया हो. इससे पहले वे मुसलमान आरक्षण पर बयान के चलते चुनाव आयोग से उलझ चुके हैं.

गौरतलब है कि बेनी प्रसाद वर्मा पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं.

उधर मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव ने विश्वास जताया है कि उनकी पार्टी अपने बूते पर सरकार बनाएगी और उन्हें कांग्रेस से सहयोग लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि अगर उनकी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलता है तो उनके पिता ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

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