कश्मीर: भारतीय सुरक्षाबलों के खिलाफ 400 मामले दर्ज

फाइल फोटो
Image caption राज्य शासन सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून हटाना चाहता है.

भारत प्रशासित कश्मीर के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि शासन ने भारतीय सुरक्षाबलों के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के 400 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं.

शासन सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाने की भी योजना बना रहा है जिसके तहत किसी सैनिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती.

लेकिन भारत सरकार राज्य प्रशासन के इस क़दम का कड़ा विरोध कर रहा है.

सजा

विधानसभा के पटल पर सोमवार को रखे गए एक आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में सुरक्षाबलों के विरूद्ध 444 मामले दर्ज किए गए हैं.

कहा गया है कि इनमें से लगभग 300 मामले अदालतों के सामने हैं.

स्थानीय मानवाधिकारों कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारत सरकार राज्य सरकार पर ये दबाव बनाएगी कि वो इन मामलों में कार्रवाई ज्यादा आगे न बढ़ सके.

कोएलेशन ऑफ सिविल सोसाइटी के खुर्रम परवेज कहते हैं, पिछले 20 वर्षों में राज्य सरकार ने ऐसे कुल 50 मामले ही आगे बढाए हैं और इनमें से किसी एक में भी कार्रवाई की मंजूरी नहीं मिली.

परिणाम

राज्य प्रशासन सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाने की मांग कर रहा है ताकि उन सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सके जिनके खिलाफ मामले लंबित हैं.

लेकिन भारतीय सेना के आला अधिकारी कहते हैं कि विशेषाधिकार कानून को हटाने के अंतरराष्ट्रीय परिणाम होंगे.

सेना के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, 'यदि पाकिस्तान से नैटो के सैनिकों की वापसी से पहले हम इस कानून को हटाते हैं तो पाकिस्तान के तालिबान कश्मीर की ओर रूख करेंगे.'

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