हार की ज़िम्मेदारी मेरी : राहुल गांधी

  • 6 मार्च 2012
इमेज कॉपीरइट AP
Image caption राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में जम कर चुनावी प्रचार किया था

कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भले ही यूपी चुनाव में कांग्रेस के बुरे हाल की ज़िम्मेदारी राहुल गांधी पर न डाल रहे हों, लेकिन राहुल गांधी ने खुद चुनावी हार की ज़िम्मेदारी ली है.

दिल्ली में पत्रकारों से राहुल गांधी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में मैं आगे खड़ा था और चुनाव प्रचार किया. इसलिए ज़िम्मेदारी मेरी है. लेकिन मेरा काम जारी रहेगा. मेरी पूरी कोशिश होगी कि यूपी में हम कांग्रेस पार्टी को खड़ा करें.”

उत्तर प्रदेश में खराब प्रदर्शन के लिए उन्होंने कांग्रेस के खराब आयोजन और लोगों के समाजवादी पार्टी के प्रति रुझान को ज़िम्मेदार ठहराया.

उनका कहना था, “उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की बुनियाद कमज़ोर थी. उस बुनियाद को जब तक हम ठीक नहीं करेंगें, तब तक ये कमज़ोरी दूर नहीं होगी. हालांकि कुल मिलाकर यूपी में कांग्रेस की स्थिति में सुधार आया है, लेकिन हमें उसे और सुधारना होगा. इस हार को मैं एक सीख की तरह देखता हूं. इस हार के बाद मैं शायद और गहन विचार करूंगा, जो कि एक अच्छी बात है.”

उन्होंने कहा कि जैसा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों से वादा किया है, वे उत्तर प्रदेश में लोगों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम करते रहेंगे.

उधर दिग्विजय सिंह ने भी खराब चुनावी प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी ली है. एक बार फिर राहुल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ये चुनाव अपने लिए नहीं लड़ रहे थे.

उन्होंने कहा, "यूपी में राहुल गांधी को मुख्यमंत्री पद के लिए नामांकित नहीं किया गया था. तो फिर इसे सिर्फ उनके लिए ही एक परीक्षा क्यों बताया जा रहा है? उन्होंने कांग्रेस का एक अहम सदस्य होने के नाते चुनाव प्रचार किया और हम उनके शुक्रगुज़ार हैं कि उन्होंने इसके लिए वक्त निकाला. ये ज़रूर है कि ये हमारे संगठन और राज्य के नेतृत्व की असफलता है. जहां तक मेरी बात है तो मैं इस हार की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेता हूं."

भाजपा खुश है

उधर उत्तर प्रदेश में भाजपा को भी भले ही उम्मीद से कम मिला हो और उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच करीबी टक्कर चल रही हो, लेकिन भाजपा खुश है.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption इन चुनाव नतीज़ों से भाजपा का हौंसला बढ़ा है और अब पार्टी 2014 के संसदीय चुनावों की तैयारी में जुटेगी

वो इसलिए क्योंकि पंजाब, गोवा और मणिपुर में पार्टी को उम्मीद से ज़्यादा आंकड़े मिले हैं.

दिल्ली में पत्रकार सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पंजाब और गोवा के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “पंजाब के इतिहास में कभी किसी एक पार्टी का शासन दोहराया नहीं गया है. लेकिन भाजपा और अकाली दल का शासन एक बार फिर वापस आया है. जहां तक गोवा की बात है, तो वहां भाजपा ने वहां कांग्रेस से सत्ता छीन ली है. भाजपा पर आमतौर पर अल्पसंख्यक-विरोधी होने का जो लांछन लगाया जाता है, उसे गोवा के लोगों ने गलत साबित कर दिया है. कैथलिक ईसाईयों के गढ़ में भी भाजपा ने बहुमत हासिल की है. ये एक शानदार जीत है.”

नितिन गडकरी ने मणिपुर के चुनावी नतीजों के बारे में कहा कि भाजपा का मणिपुर में खाता खुलने का मतलब है कि उत्तर-पूर्व में पार्टी का खाता खुल गया है.

‘राहुल की प्रतिष्ठा को झटका’

उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड में भाजपा की सरकार की वापसी होगी.

उत्तर प्रदेश में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बारे में उनका कहना था कि वहां लोगों का वोट मुख्यत: समाजवादी पार्टी और बसपा के बीच बंटा.

उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह को मिली जीत के लिए उनका अभिनंदन करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, “उत्तर प्रदेश चुनाव को कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिए एक प्रतिष्ठा का विषय ज़रूर बनाया था. लेकिन कांग्रेस का जैसा प्रदर्शन यूपी में देखने को मिला है, उससे निश्चित रूप से कांग्रेस को करारा झटका लगा है.”

उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में आए परिणाम आने वाले संसदीय चुनावों में एनडीए और यूपीए के बीच की टक्कर के लिहाज़ से एक महत्तवपूर्ण कड़ी हैं.

उनका कहना था कि इन चुनाव नतीज़ों से पार्टी का हौंसला बढ़ा है और वे 2014 में एक नए विश्वास के साथ कांग्रेस को टक्कर देंगें.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार