‘बीएसपी की बदनामी में सपा का विकल्प उभरा’

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Image caption विश्लेषकों के मुताबिक समाजवादी पार्टी अन्य स्थानीय पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बना सकती है

उत्तर प्रदेश चुनावी महाभारत में चारों मुख्य पार्टियां अपनी सरकार बनाने का दावा करती रहीं, लेकिन अंत में समाजवादी पार्टी ही अपने दम पर सरकार बनाती नज़र आ रही है.

बसपा की बदनामी, उसके मंत्रियों पर अलग-अलग मामलों में लगे आरोप, दागी मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का निष्कासन और निष्कासन के बावजूद पार्टी का उनसे जुड़े रहना – इन सब बातों का फायदा समाजवादी पार्टी को मिला है.

मेरी नज़र में समाजवादी पार्टी की रणनीति से ज़्यादा बसपा की बदनामी का फायदा मुलायम सिंह को मिला है.

कांग्रेस ने आरक्षण के मुद्दे को बहुत तरजीह दी, लेकिन वो उसके पक्ष में न जा कर दूसरी पार्टियों के पक्ष में गया.

किसकी ज़रूरत किसे?

अब लग रहा है कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस और भाजपा को छोड़ कर, अन्य पार्टियों का समर्थन लेकर सरकार बना सकती है.

इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि कांग्रेस और भाजपा अगर बसपा को समर्थन देकर उसकी सरकार बनवाना भी चाहें, तो वो उसमें सफल नहीं होंगें.

बेनी प्रसाद वर्मा चाह कर भी अब बसपा की मदद नहीं कर सकते.

कांग्रेस का कहना था कि अगर किसी एक पार्टी को बहुमत न मिला, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक किसी एक पार्टी को बहुमत न मिलने पर राष्ट्रपति शासन लागू नहीं हो सकता. इसके लिए संसद की सहमति ज़रूरी है.

कांग्रेस के पास लोकसभा में भले ही आंकड़े हों, लेकिन राज्य सभा में उसके लिए चुनौती बड़ी है.

ऐसे में राष्ट्रपति शासन की भी संभावना नहीं रह जाती है.

रिहर्सल में भी फेल

इन चुनावों में भले ही कांग्रेस को पिछले चुनाव नतीजों के मुकाबले थोड़ी बढ़त मिली हो, लेकिन कुल वोट शेयर बढ़ा नहीं है.

पार्टी अब भी चौथे नंबर पर ही है.

राहुल गांधी को भले ही थोड़ा सा श्रेय जाता हो, लेकिन असल में तो वो 2014 के संसदीय चुनावों की ड्रेस रिहर्सल उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं.

दुखद बात ये है कि वे इस रिहर्सल में भी फेल हो गए हैं.

जहां तक राष्ट्रीय लोक दल की बात है, तो उसे सत्ता से दूर रहने की आदत नहीं है.

अभी भले ही आरएलडी कुछ भी कहे, लेकिन हम सब जानते हैं कि सत्ता के करीब रहने के लिए वो पहले भी मुलायम सिंह से समझौता कर चुकी है.

इस बार भी ऐसा ही होगा.

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