उत्तराखंड में त्रिशंकु विधानसभा

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Image caption पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी चुनाव हार गए हैं

उत्तराखंड में चौंकानेवाले परिणाम आए हैं. जनता ने किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया.

70 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने 32 सीटें जीती हैं वहीं भाजपा को 31 सीटें मिली हैं.

बहुजन समाज पार्टी ने तीन, उत्तराखंड क्रांति दल ने एक और अन्य ने तीन सीटें जीती हैं.

भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका था खंडूरी की हार .खंडूरी के साथ ही निशंक के दो और घोर विरोधी और सरकार में मंत्री प्रकाश पंत और त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी हार का सामना करना पड़ा.

कांग्रेस के नेता भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वे बहुतम का इंतजाम कर लेगें.

भितरघात

देहरादून से बीबीसी संवाददाता शालिनी जोशी का कहना है कि भाजपा की वरिष्ठ नेता और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुशीला बलूनी खंडूरी के आवास पर रो पड़ीं.

उन्होंने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया, “कोटद्वार में बड़े पैमाने पर भितरघात हुआ है और कोटद्वार की जनता को माफ नहीं किया जा सकता.”

उन्होंने कहा, “कोटद्वार की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और जल्दी ही उन्हें पता चल जाएगी कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती कर दी.”

पार्टी के सूत्र भी दबी जबान से कह रहे हैं कि ऐसा लगता है कि निशंक ने अपना ‘काम’ बढ़िया और ठोस ढंग से कर दिया था.

भाजपा के अंदरखाने की खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाए जाने के बाद निशंक ने कथित रूप से खंडूरी और अपने विरोधियों के खिलाफ खुद को झोंक दिया था और चुनाव में भितरघात के लिये साम दाम सभी तरह के हथियार इस्तेमाल किये थे.

भाजपा दावा करेगी

खुद खंडूरी ने पत्रकारों से बात करते हुए एक तरह से अपने आपको शहीद दिखाने की कोशिश की और राजनीतिक चतुराई से भाजपा के प्रदर्शन का श्रेय भी ले लिया.

उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार बनाने के नजदीक है और मैं जनता को इसके लिये आभार देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझपर और मेरी कार्यशैली पर विश्वास किया.”

खंडूरी ने कहा, “भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश करेगी और सदन में बहुमत साबित करने में सफल रहेगी.”

“जिस काम के लिये मुझे भेजा गया था वो मैंने कर दिया है. मैं अपनी सीट नहीं बचा पाया शायद मैंने वहां पर्याप्त समय नहीं दिया.”

भितरघात के सवाल पर उनका कहना था, “मुझे जो भी कहना है वो पार्टी के फोरम में कहूंगा.”

हांलाकि अभी भाजपा के किसी नेता का ऐसा कोई बयान नहीं आया है कि अपने ही लोगों ने खंडूरी को हराया लेकिन ये एक 'ओपन सीक्रेट' या खुला रहस्य है.

दावा कांग्रेस भी करेगी

कांग्रेस ने खंडूरी की हार को भाजपा की नैतिक हार करार दिया .कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने कहा, “ कांग्रेस निर्दलियों की मदद से सरकार बनाएगी.”

गौरतलब है कि कांग्रेस के तीन ऐसे बागी प्रत्याशी जो बतौर निर्दलीय चुनाव लड़े थे वो चुनाव जीत गए हैं.

लेकिन भाजपा भी आसानी से हथियार नहीं डालेगी और सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी.

इतना तय है कि त्रिशंकु विधानसभा की इस स्थिति में विधायकों की खरीद –फरोख्त और मोल तोल बढ़ेगा.

उत्तराखंड के इन चुनावी नतीजों में एक और दिलचस्प तथ्य ये है कि कई सीटों का फैसला बेहद मामूली अंतर से हुआ है.

राजपुर सुरक्षित सीट से कांग्रेस के राजकुमार सिर्फ 36 वोटों से जीते, कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत रायपुर से 350 मतों से पराजित हुए, नरेंद्रनगर से कांग्रेस के सुबोध उनियाल 16 मतों से जीते, टिहरी से कांग्रेस के किशोर उपाध्याय 250 मतों से हारे.

इन सीटों पर बाजी पलट सकती थी और शायद तब नतीजे स्पष्ट हो सकते थे और जनादेश ऐसा खंडित न होता.

मणिपुर और गोवा

मणिपुर विधानसभा की सभी 60 सीटें के नतीजे आ गए हैं. सत्तारूढ कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 42 सीटें जीती हैं.

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने सात, नगा पीपुल्स फ्रंट ने चार, लोक जनशक्ति पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को एक-एक सीट मिली है.

वहीं अन्य उम्मीदवारों ने पांच सीटें जीती हैं.

उधर गोवा में कुल 40 में से 21 सीटें भाजपा ने जीती हैं. कांग्रेस ने नौ और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने तीन सीटें जीती हैं.

सात सीटों पर अन्य उम्मीदवारों को जीत मिली है.

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