मछुआरों के मामले पर इटली ने भारत को आगाह किया

  • 8 मार्च 2012

दो भारतीय मछुआरों के मारे जाने के मामले में इटली के प्रधानमंत्री मारियो मॉन्टी ने हस्तक्षेप किया है.

उन्होंने आगाह करते हुए कहा है कि अगर मामले से जुड़े दो इतालवी सुरक्षाकर्मियों पर मुकदमा चलाया गया तो इससे एक गलत परंपरा स्थापित होगी और पाइरेसी से लड़ने की कोशिशों को धक्का पहुँचेगा.

मारियो मॉन्टी ने बुधवार को फोन पर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की.

इटली के समुद्री जहाज़ एनरिका लेक्सी के गार्डों ने भारतीय मछुआरों पर कथित तौर पर गोली चला दी. गोर्डों का कहना था कि उन्हें लगा ये समुद्री लुटेरे हैं.

इस घटना में दो मछुआरे मारे गए थे. इस समय गार्डों के खिलाफ केरल की अदालत में मुकदमा चल रहा है.

दोनों देशों में इस बात को लेकर मतभेद है कि इस मामले में किस देश का अधिकारक्षेत्र है.

भारत का कहना है कि मामला भारत में ही चलना चाहिए जबकि इटली का कहना है कि गोलीबारी अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में हुई और मामला इटली में चलना चाहिए.

एजेंसियों के मुताबिक मनमोहन सिंह ने इटली के प्रधानमंत्री से कहा है कि वे इस बात की संभावना तलाशने की कोशिश करेंगे कि इतालवी गार्डों को जेल की बजाए किसी दूसरी जगह पर रखा जाए.

केरल हाई कोर्ट ने जहाज़ के मालिकों और मारे मछुआरों के परिजनों पूछा हुआ है क्या वे अदालत से बाहर समझौते के लिए तैयार हैं या नहीं.

रॉयटर्स के मुताबिक यूरोपीय संघ ने कहा है कि इटली और भारत के बीच मामले को सुलझाने के लिए वो हस्तक्षेप करेगा.

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