प्रवासी भारतीयों के सोना लाने में कमी की मांग

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Image caption आम बजट पेश होने से कुछ दिन पहले यह मांग की गई है.

आम बजट होने से ठीक पहले जेवर उद्योग ने मांग की है कि प्रवासी भारतीय जितना सोना देश में ला सकते हैं उसमें कटौती की जाए.

उनका मानना है कि इससे देश में सोने के गैर-कानूनी आयात में कमी हो सकेगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जैम्स और ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष बछराज बमालवा ने शनिवार को कहा, ''फेडरेशन का सुझाव है कि प्रवासी भारतीयों को 10 किलो के बजाए एक किलो सोना लाने की इजाजत दी जाए जिससे सोने के भारत में गैर-कानूनी आयात को रोका जा सकेगा.''

सोने और चांदी के आयात पर उसकी कीमत का क्रमश दो प्रतिशत और छह प्रतिशत बतौर कस्टम डयूटी देना होता है.

सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर आयात डयूटी के बारे में अधिसूचना जारी की है.

पिछले सालों में सोना-चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिली है और डयूटी की नई दरें बाजार की कीमतों को ध्यान में रख कर तय की गई थी.

फेडरेशन का कहना है कि इसके इलावा 'ब्रैंडेड' यानि कंपनी के ब्रैंड वाले जेवर पर एक प्रतिशत एक्साइज डयूटी को भी हटाया जाना चाहिए ताकि इस व्यापार को प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जाए.

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