हैदराबाद में विमानों का मेला

Image caption हैदराबाद में इस बार हवाई करतब नहीं होंगे क्योंकि वर्ष 2010 में हवाई करतब के दौरान एक सूर्यकिरण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था

हैदराबाद का पुराना बेगमपेट हवाई अड्डा बुधवार से शुरू होने वाली विमान प्रदर्शनी और कॉन्फ्रेंस के लिए तैयार है जिसमें 18 देशों के प्रतिनिधि और 250 से ज्यादा कंपनियां भाग लेनी वाली हैं.

यहां सबका ध्यान उस बोइंग 787 विमान पर होगा जो पहली बार भारत की जमीन पर उतरेगा और जिसे एयर इंडिया की सेवा में शामिल किया जाएगा.

इसके अलावा सुखोई सुपरजेट 100 समेत 25 अन्य विमान भी इस प्रदर्शनी में शामिल होंगे. इनमें अधिकतर वो बिजनेस-जेट और हेलिकॉप्टर होंगे जिनका इस्तेमाल कारोबारी लोग करते हैं.

बिजनेस-जेट और हेलिकॉप्टर बनाने वाली कंपनियां भारत में ऐसे समय गहरी रुचि दिखा रही हैं जब भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र गहरे संकट से गुजर रहा है और एक बड़ी निजी कंपनी किंगफिशर बंद होने की कगार पर पहुंच गई है.

व्यापार पर नजर

'इंडिया एविऐशन' में वर्ष 2010 की तुलना में इस बार ऐसी कंपनियों की संख्या बढ़ी है जिन्हें भारत में ज्यादा व्यापार की उम्मीद है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में करोड़पतियों की संख्या दो लाख से ज्यादा हो गई है जिनमें से कई लोग निजी विमान खरीदने की क्षमता रखते हैं.

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह बुधवार को इसका उदघाटन करेंगे. तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में उड्डयन क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी और बड़ी कंपनियां अपने भावी ग्राहकों से भी बात करेंगी.

भारत सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स, हर दो वर्ष में एक बार होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन करते है.

फिक्की के क्षेत्रीय निदेशक विवेक कोदिकल ने बताया की इस वर्ष के आयोजन में ब्रिटेन 'भागीदार देश' होगा जबकि फ़्रांस 'फोकस' देश और अमरीका 'मेहमान' देश होगा.

विजय माल्या नहीं होंगे

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Image caption विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस इससे पहले के दो आयोजनों में बड़ी स्पॉन्सर हुआ करती थी

जो बड़ी कंपिनयां इस आयोजन में भाग ले रही हैं, उनमें बोइंग, बॉम्बार्डिर, औगुस्ता वेस्टलैंड, बेल, दस्सल्ट, लुफ्थांसा शामिल हैं. लेकिन इस समय भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में जारी संकट की वजह से विजय माल्या और उनकी किंगफिशर एयर लाइंस इसमें शरीक नहीं होंगी.

इससे पहले के दो आयोजनों में ये कंपनी बड़ी स्पॉन्सर हुआ करती थी. ये प्रदर्शनी आम लोगों के लिए भी खुली रहेगी और लेकिन इसके लिए 500 रूपए का टिकट लेना होगा.

लेकिन इस बार हवाई करतब नहीं होंगे क्योंकि वर्ष 2010 में हवाई करतब के दौरान एक सूर्यकिरण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

ये विमान एक घर पर गिरा था और इस हादसे में विमान के पायलट की मौत हो गई थी.

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