'किराया न बढ़ता, तो रेलवे की सेहत बिगड़ती'

विनय मित्तल
Image caption विनय मित्तल ने उम्मीद जताई कि रेलवे बेहतर सुविधाएँ देगा

रेल बजट में यात्री किराया बढ़ोत्तरी को सही ठहराते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल ने कहा है कि अगर किराया नहीं बढ़ाया जाता, तो संगठन की सेहत पर इसका असर पड़ता.

बीबीसी के साथ एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अभी तक रेलवे ने सिर्फ किराए घटाए थे, बढ़ाए नहीं थे.

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उन्होंने कहा, "अभी तक हमने किराए सिर्फ घटाए थे, बढाए नहीं थे. जो किराए हमारा फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी में वर्ष 2002 में था, उससे भी कम आज की तारीख में किराया था. इसलिए खर्च को कम करना जरूरी था. क्योंकि पूरे संगठन पर इसका विपरीत असर पड़ रहा था."

विनय मित्तल ने उम्मीद जताई कि किराया बढ़ाने से और रेल में जो विकास हुआ है, उसे मिलाकर 6-7 हजार करोड़ की आय रेलवे को होगी.

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने रेल बजट पेश करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने रेलवे सुरक्षा पर काकोदकर समिति और आधुनीकिकरण पर सैम पित्रोदा समिति की सिफारिश को लागू करने का वादा किया.

लेकिन सिफारिशों को लागू करने में मंत्रालय को देरी क्यों होती है, इसके जवाब में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल का कहना है कि पहले भी सुरक्षा पर कई समितियाँ सिफारिश दे चुकी हैं और उन्हें लागू भी किया गया है.

उन्होंने कहा, "जहाँ तक समिति की सिफारिशों की बात है, पहले तीन सुरक्षा समिति की रिपोर्ट आई है, उसका 90 प्रतिशत लागू हो गया है. उसी की वजह से दुर्घटना की दर कम हुई है. पहले यह 0.55 प्रति मिलियन ट्रेन किलोमीटर था, जो अब 0.14 प्रति मिलयन ट्रेन किलोमीटर रह गया है."

सुविधाएँ

रेलवे ने यात्री किराया तो ये तर्क देकर बढ़ा दिया कि संगठन की सेहत खराब है, लेकिन यात्रियों की अपेक्षाओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता. यात्री रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर काफी चिंतित रहता है.

विनय मित्तल का कहना है कि रेलवे ने सुविधाएँ बढ़ाने की बहुत कोशिश की है. जैसे राजधानी है, शताब्दी है, दोरंतो, जनशताब्दी है, गरीब रथ है. आम लोगों को एसी में सफर कराने की व्यवस्था की गई.

उन्होंने कहा कि रेलवे का हमेशा प्रयास रहता है कि सुविधाएँ यात्रियों तक पहुँचे. आगे भी वे ये कोशिश करेंगे कि यात्रियों को जिस तरह की सुविधाएँ चाहिए, उसे उन्हें दी जाए.

साफ-सफाई को लेकर उन्होंने रेल मंत्री की चिंता की बात भी कही. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब जबकि फंड बढ़ने वाला है, वे इस मुद्दे पर किसी को शिकायत का मौका नहीं देंगे.

उन्होंने कहा, "हम आम आदमी की सेवा करते हैं, हवाई अड्डे की तरह हाई क्लास को नहीं करते. आम आदमी आते हैं. रेलवे स्टेशन पर उनका बसेरा भी रहता है. हम चाहते थे कि हम हर प्लेटफॉर्म को साफ-सुथरा रखें. लेकिन एक समस्या ये भी आ रही थी कि हमारे पास फंड नहीं था. हम फंड की समस्या ठीक हो जाएगी, तो एक रेलवे स्टेशन पर नियमित साफ-सफाई और रखरखाव में बाधा नहीं आएगी."

इंटरनेट आरक्षण

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Image caption विनय मित्तल ने इंटरनेट पर आरक्षण में आ रही समस्याओं को खत्म करने का वादा किया

इंटरनेट पर आरक्षण की समस्या को भी उन्होंने स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि अगले सात-आठ महीने में नतीजे आने लगेंगे.

विनय मित्तल ने कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर काफी संख्या में लोग आते हैं. जितने लोग आते हैं, उसे हैंडल करने की क्षमता होनी चाहिए.

उन्होंने बताया, "हमारा एक संगठन है क्रिस, जो कंप्यूटीकरण करता है. वो इस कार्य में लगा है. सात-आठ महीने में ये समस्या हल हो जाएगी. तत्काल टिकट में जो कमी है, उसे हम हल करने की लगातार कोशिश करते हैं. हम इस पर नजर रखते हैं. दलालों के खिलाफ कार्रवाई होती है. हमारी कोशिश यही है इसे भी ठीक किया जाए, लेकिन इसकी भी मांग बहुत ज्यादा है."

आजादी के बाद रेलमार्गों की लंबाई में सिर्फ 12 हजार किलोमीटर का विस्तार हुआ है. लेकिन विनय मित्तल का कहना है कि इसका मतलब ये नहीं कि काम नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि छोटी लाइन को बड़ी लाइन बनाना और अन्य इलाकों को जोडा हुआ है. लेकिन रेलवे को सिर्फ रेलमार्गों की लंबाई से नहीं देखा जाना चाहिए. डबल लाइंस भी बने हैं, कई जगह चार लाइनें बनी है. इंजीनियरिंग और ट्रैक से संबंधित कई कार्य हुए हैं और इसकी वजह से नए रूट भी बने हैं."

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि कई पिछड़े इलाकों के लिए रेल मंत्रालय के पास परियोजनाएँ हैं और वित्त मंत्रालय की मदद से भी कई योजनाओं पर काम चल रहा है.

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