तब के बजट और अहम तथ्य

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Image caption बजट सत्र की शुरूआत पारंपरिक तौर पर राष्ट्रपति के संबोधन से होती है.

आय कर में छूट मिलेगी या नहीं, क्या सस्ता होगा और क्या होगा महंगा. संसद में बजट सत्र शुरू होते ही लोगों के बीच खास तौर पर व्यापार से जुड़े लोगों के बीच हलचल शुरू हो जाती है.

हलचल सिर्फ उस पार ही नहीं संसद के भीतर भी होती है. सत्ताधारी पक्ष और वित्त मंत्री पर जिम्मेदारी होती है कि वो व्यवसायिक प्रगति और विकास के बीच सामंजस्य बनाए.

कदम-कदम पर यूपीए सरकार के संकटमोचक की भूमिका निभा चुके वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी पर भी यही जिम्मेदारी है.

आइए एक नजर डालते है आजादी के बाद से अब तक पेश किए गए बजटों और उनके मुख्य बिंदुओं पर...

भारत के पहले वित्त मंत्री : आर के शनमुखम शेट्टी

कुल बजट पेश किए : 2

खास बात : कुल बजट आय 171.15 करोड़ जबकि व्यय 197.39 करोड़ रुपए. कपड़े के निर्यात पर 4 % का कर.

भारतीय गणराज्य का पहला बजट : पेश किया जॉन मथाई ने

कुल बजट पेश किए : 2

खास बात : आय कर सीमा को पाँच आने प्रति रुपए से घटा कर 4 आने प्रति रुपया किया. योजना आयोग की स्थापना का रास्ता साफ किया.

भारत के तीसरे वित्त मंत्री : सी डी देशमुख

कुल बजट पेश किए : 9 (जिसमें 2 अंतरिम बजट शामिल हैं)

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Image caption पंडित जवाहर लाल नेहरू भी बजट पेश कर चुके हैं. (फाइल फोटो)

जवाहरलाल नेहरू : 28 फरवरी 1958

कुल बजट पेश किया : मात्र 1

खास बात : पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने बजट पेश किया. उपहारों पर पहली बार कर लगाया गया.

टीटी कृष्णामचारी : 15 मई 1958

कुल बजट पेश किए : 4(जिसमे 1 अंतरिम बजट शामिल है)

खास बात : न्यूनतम आय कर सीमा को 4200 रुपए से घटा कर 3000 रुपए किया. हंगरी के नामी अर्थशास्त्री निकोलस काल्डोर की सलाह पर उन्होंने संपत्ति और व्यय कर लगाया.

मोरारजी देसाई :

कुल बजट पेश किए : 10 (जिसमें 2 अंतरिम बजट हैं)

खास बात : 1964 और 1968 में अपने जन्म दिन पर बजट पेश किए.

इंदिरा गांधी : 28 फरवरी 1970

कुल बजट पेश किया : 1

खास बात : विह्स्की, ब्राँडी और शराब पर उत्पाद कर बढ़ाया.

यशवंत राव चव्हाण :

कुल बजट पेश किए : 7 (जिसमें 2 अंतरिम बजट हैं)

खास बात : कोयला खदानों और बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया.

एच एम पटेल : 17 जून 1977

कुल बजट पेश किए : 3 (जिसमें 1 अंतरिम बजट शामिल है.)

खास बात : पहली बार किसी गैर काँग्रेसी सरकार ने बजट पेश किया. विदेशी कोकाकोला कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाया गया.

चरण सिंह : 28 फरवरी 1979

कुल बजट पेश किया : 1

खास बात : भारी खपत वाली चीजों जैसे चाय, कॉफी और बिस्कुट पर भारी उत्पाद कर लगाया गया. स्कूटर, मोटर साइकिल और कारों के उत्पाद करों में बड़ी वृद्धि की गई.

आर वैंकटरमण :

कुल बजट पेश किए : 3( जिसमें 1 अंतरिम बजट शामिल है)

खास बात : रेडियो पर लाइसेंस फीस समाप्त की गई. जीवन रक्षक दवाओं, प्रेशर कुकर और सिलाई मशीनों से उत्पाद कर हटाया गया.

विश्वनाथ प्रताप सिंह :

कुल बजट पेश किए : 2

खास बात : परिवर्तित वेल्यू एडेड टैक्स की शुरुआत की. अप्रत्यक्ष कर सुधारों की शुरुआत हुई.

Image caption तत्कालीन वित्त मंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह से पद वापस लेने के बाद उस समय प्रधान मंत्री रहे राजीव गांधी को बजट पेश करना पड़ा था. प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)

राजीव गाँधी : 28 फरवरी 1987

कुल बजट पेश किया : 1

खास बात : प्रधानमंत्री ने बजट पेश किया क्योंकि उन्होंने औद्योगिक घरानों पर की गई कर रेड के कारण वीपी सिंह से वित्त मंत्रालय ले लिया था.

मधु दंडवते :

कुल बजट पेश किया : 1

मनमोहन सिंह :

कुल बजट पेश किए : 6( जिसमें एक अंतरिम बजट शामिल है.)

खास बात : आयात निर्यात नीति में आमूल परिवर्तन किए गए. सर्वोच्च आयात कर को 220 फीसदी से घटा कर 150 फीसदी कर दिया गया. आर्थिक सुघारों की नीव रखी गई.

पी चिदंबरम :

कुल बजट पेश किए : 8 ( जिसमें 1 अंतरिम बजट शामिल है.)

खास बात : व्यक्तिगत कर दाताओं और कंपनियों की कर दर में सुधार हुए. काले धन को सामने लाने के लिए स्वैक्षिक आय डिसक्लोजर स्कीम शुरू की.

यशवंत सिन्हा :

कुल बजट पेश किए : 7( जिसमें 2 अंतरिम बजट शामिल हैं)

खास बात : उन्होंने बजट पेश किए जाने के समय को शाम 5 बजे से बदल कर सुबह 11 बजे कर दिया. आई टी क्षेत्र के लिए कस्टम ड्यूटी कम की गई.

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