'मनमोहन भरोसा जीतें, तो समर्थन पर सोचेंगे'

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Image caption यूपीए-1 के जमाने के कांग्रेस वामपंथियों के बीच तालमेल के लिए बनी समिति में सीपीएम की ओर से नामित रहे सदस्य सीताराम येचुरी

भारत के सबसे बड़े वामपंथी दल कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि मनमोहन सिंह अगर फिर से भरोसा जीतें तो समर्थन पर सोचा जा सकता है.

बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत करते हुए सीता राम येचुरी ने कहा, "वामपंथी दूसरों की तरह फायदे के लिए समर्थन नहीं देते. नीतिगत समर्थन देते हैं. पिछली यूपीए सरकार ने हमारा भरोसा तोड़ा था. केवल इसलिए हमने समर्थन वापस लिया था."

यूपीए-1 के जमाने के कांग्रेस वामपंथियों के बीच तालमेल के लिए बनी समिति में सीपीएम की ओर नामित रहे सदस्य येचुरी ने कहा, "अब मनमोहन सिंह को ही भरोसा दिलाना पडेगा कि वो उस तरह की बातों का पालन करेगें या नहीं."

दोनों की ज़रुरत

वाममोर्चे के लोकसभा में 24 सांसद हैं इनमे से सर्वाधिक 16 माकपा के हैं. अन्य में चार भाकपा के दो-दो, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और फॉरवर्ड ब्लॉक के हैं.

इन सांसदों में से सर्वाधिक पश्चिम बंगाल से आते हैं, जहाँ मध्यावधि चुनावों की सूरत में तृणमूल कॉंग्रेस को ही फायदा होगा, जो वामपंथी कतई नहीं चाहेगें.

सीताराम येचुरी से बीबीसी की खास बातचीत

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सरकार वैसे भी आर्थिक सुधारों को पूरी तरह से ममता के कारण ठंडे बस्ते में डाल चुकी है उसके बाद भी ममता बनर्जी कष्ट देने से नहीं चूकतीं.

इसके अलावा समाजवादी पार्टी और बहुजन में से किसी एक को सरकार के भीतर शामिल करने पर दूसरे के नाराज होने का खतरा भी वामपंथी समर्थन के बाद ख़त्म हो जाता है.

सरकार चलेगी

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव के शपथ ग्रहण में शामिल होने के बाद सीताराम येचुरी ने कहा, "जब तक यूपीए-2 सरकार की चल रही आर्थिक नीतियाँ जारी रहती हैं तब तक इस सरकार को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता."

लेकिन राज्यसभा में सीपीएम सांसद येचुरी ने यह कहने से गुरेज किया कि उनकी पार्टी भी मध्यावधि चुनाव चाहती हैं.

येचुरी ने कहा कि जब तक कागजों पर इस सरकार को सपा और बसपा का समर्थन जारी रहेगा, तब तक यह सरकार चलती रहेगी.

येचुरी ने इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

येचुरी ने कहा कि तृणमूल का दोहरा मानदंड है कि कैबिनेट के अंदर सरकार का समर्थन करते हैं और बाहर सड़क उसका विरोध, ऐसा इसके पहले कभी नहीं देखा.

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