किस वजह से दूँ इस्तीफ़ा: दिनेश त्रिवेदी

  • 17 मार्च 2012
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Image caption दिनेश त्रिवेदी पहले कह चुके हैं प्रधानमंत्री और ममता बनर्जी कहें तो वे इस्तीफ़ा दे देंगे

अपने बजट से परेशानी में फंसे रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार को एक बार फिर अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें उनसे इस्तीफ़ा देने को कहा गया था.

उन्होंने पलटकर जवाब दे दिया है कि वे उसी सूरत में इस्तीफ़ा देंगे जब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी लिखित में उनसे इस्तीफ़ा मांगें या फिर प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा देने को कहें.

बीबीसी संवाददाता राजेश जोशी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे वजह भी पता चले कि मुझे इस्तीफ़ा क्यों देना है."

सुनिए: दिनेश त्रिवेदी से बातचीत

दिनेश त्रिवेदी ने गत 14 मार्च को रेल बजट पेश किया था और उन्होंने सभी श्रेणी के किरायों में बढ़ोत्तरी की थी और इसके तुरंत बाद ही तृणमूल कांग्रेस ने नाराज़गी जताते हुए रेलमंत्री को हटाने की घोषणा कर दी थी और मुकुल राय को नया रेलमंत्री बनाने की घोषणा कर दी थी.

इसके बाद प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ममता बनर्जी से बात की थी और रेलमंत्री को तुरंत हटाए जाने की बात टल गई थी.

कोलकाता में बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की नाराज़गी दूर नहीं हुई है और दिनेश त्रिवेदी की कुर्सी छिनने का ख़तरा यथावत बना हुआ है.

दो टूक

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने शनिवार को दिनेश त्रिवेदी से फ़ोन पर बात की है.

ख़बरें हैं कि कल्याण बनर्जी ने दिनेश त्रिवेदी से इस्तीफ़ा देने को कहा है. कल्याण बनर्जी ने उनसे कहा कि वे सम्मानपूर्वक ढंग से पद से हट जाएँ जिससे कि उनको बर्खास्त किए जाने का इंतज़ार न करें.

बीबीसी से हुई बातचीत में दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें न ता ममता बनर्जी ने इस्तीफ़ा देने को कहा है और न प्रधानमंत्री ने, ऐसे में वे इस्तीफ़ा क्यों दें.

उन्होंने कहा, "न तो मुझे प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा देने को कहा है और न ममता बनर्जी ने. सुदीप बंदोपाध्याय ने लोकसभा में कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने मेरा इस्तीफ़ा नहीं मांगा है. मैं पूछना चाहता हूँ कि आखिर वजह क्या है, मैं क्यों इस्तीफ़ा दे दूँ?"

इस सवाल पर कि उनके और मंमता बनर्जी के बीच कड़ुवाहट की वजह रेल बजट ही है या फिर और कोई और वजह है, उन्होंने कहा, "मैं व्यक्तिगत कारणों में जाना नहीं चाहता. मैंने रेल बजट पेश किया है और अभी उसे पारित करवाना है."

उन्होंने दोहराया कि रेल मंत्रालय किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है और न एक व्यक्ति की.

ये पूछे जाने पर कि अगर ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्री बनाया था तो वे उनके कहने पर इस्तीफ़ा क्यों नहीं दे रहे हैं, उन्होंने कहा, "मैं ईश्वर, कुदरत और भगवान की मर्ज़ी से मंत्री बना हूँ."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक बनर्जी ने दिनेश त्रिवेदी से हुई बातचीत में कहा है कि ये ठीक नहीं है कि वे लिखित आदेश के लिए ज़ोर डालें. उन्होंने कहा कि जब उन्हें मंत्री बनाया गया था तब तो उन्होंने लिखित आदेश का आग्रह नहीं किया था.

बनर्जी ने कहा है कि पार्टी के सदस्य के रूप में परिस्थितियों को समझना चाहिए और इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "आपने मंत्रिपद की शपथ ली क्योंकि पार्टी ऐसा चाहती थी. अब पार्टी चाहती तो आपको इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की ओर से ममता बनर्जी को आश्वासन दिया गया था कि आम बजट पेश होने के बाद दिनेश त्रिवेदी को पद से हटा दिया जाएगा.

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