उत्तर प्रदेश: विभागों का बंटवारा, राजा भैया को ‘जेल’

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Image caption मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गृह, पर्यटन, ऊर्जा, आबकारी और वन सहित 50 महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं.

शपथ ग्रहण के करीब 72 घंटे बाद रविवार को आखिरकार उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गृह, पर्यटन, ऊर्जा, आबकारी और वन सहित 50 महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं.

दागी उम्मीदवार के रुप में चर्चा में रहे और मायावती सरकार की ओर से जेल भेजे गए निर्दली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति सहित जेल विभाग दिया गया है.

राजा भैया को जेल विभाग

गौरतलब है कि राजा भैया के खिलाफ़ हत्या, अपहरण और हत्या की कोशिश जैसे कई आपराधिक मामले लंबित हैं.

राज्य सरकार की तरफ से रविवार देर शाम जारी एक प्रेस नोट में सभी 47 कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बारे में जानकारी दी गई. सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान को संसदीय कार्य, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, हज और मुस्लिम वक्फ सहित छह विभाग दिए गए हैं.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और सिंचाई (यांत्रिक), अहमद हसन को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वकार अहमद शाह को श्रम एंव नियोजन, राजा अरिदमन महेंद्र सिंह को परिवहन और आनंद सिंह को कृषि और धर्मार्थ कार्य विभाग दिया गया है.

यूपीए में हिस्सेदारी?

इस बीच विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजभवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यूपीए सरकार में शामिल होने को लेकर आखिरी फैसला समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह ही करेंगे.

पत्रकारों ने अखिलेश से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस वक्तव्य पर टिप्पणी मांगी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा यूपीए सरकार में शामिल हो सकती है.

इसके जवाब में अखिलेश ने कहा,''यूपीए सरकार में शामिल होना है या नहीं इसका फैसला नेताजी(मुलायम सिंह) करेंगे.वे दिल्ली जा रहे हैं और इस मुद्दे पर पार्टी की तरफ से फैसला लेंगे.''

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश की है. समाज के हर वर्ग को मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश की गई है लेकिन मुस्लिमों और यादवों को खास अहमियत दी गई है.

केवल एक ही महिला अरूणा कोरी को राज्य मंत्री बनाया गया है.

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