विधानसभा में 'अश्लील तस्वीरें' देखने की जांच

  • 21 मार्च 2012
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Image caption विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. (फ़ाइल फोटो)

कर्नाटक के बाद गुजरात में भारतीय जनता पार्टी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है.

गुजरात के एक शीर्ष अखबार गुजरात समाचार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के दो विधायकों को गुजरात विधानसभा में अश्लील तस्वीरें देखते पकड़ा गया है.

इस घटना के बाद गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

फरवरी में ही कर्नाटक के भाजपा के तीन मंत्रियों को विधानसभा के अंदर पॉर्न वीडियो देखते पकड़ा गया था. काफी हंगामे के बाद इन मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

'गुजरात समाचार' के मुताबिक उनके रिपोर्टर ने विधानसभा में विधायकों को टैबलेट पर पॉर्न वीडियो देखते हुए देखा और इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की.

विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को बुलाकर ऐसा करने से रोका.

वरिष्ठ पत्रकार जनकभाई पुरोहित ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत से दावा किया, “विधायक शंकर चौधरी ने अपनी टैबलेट दूसरे विधायक जेठा भारवाड़ को दिखाई. सबसे पहले उन लोगों ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीरें देखीं, फिर कार्टून और उसके बाद वे महिलाओं की तस्वीरें देखने लगे. मैंने विधानसभा अध्यक्ष के पीए से शिकायत की. पीए ने अध्यक्ष को सूचना दी और विधायकों को रोका गया.”

लेकिन प्रदेश भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है. पार्टी के प्रदेश महासचिव विजय रुपानी ने कहा है कि ये सारे आरोप झूठे हैं और कांग्रेस की शह पर लगाए गए हैं.

विजय रुपानी ने पत्रकारों को बताया, “मुझे नहीं लगता विधायक ऐसा कुछ देख रहे थे. फिर भी हम इस विषय में पूछताछ करेंगे. ”कांग्रेस ने दोनों विधायकों को सदन से निष्कासित करने की मांग की है.

विधायक शंकर चौधरी सदन में अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया और लगातार नारेबाज़ी करता रहा.

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