दिल्ली में पाक अधिकारी का सेवाभाव

रकाबगंज गुरूद्वारा
Image caption पाकिस्तानी अधिकारी ने दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में सेवाएं दीं

गुरुद्वारे में सेवा करने की प्रथा कोई नई नहीं है. दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में भी कई आम-ओ-खास सेवा करते नजर आ जाएंगे, लेकिन रविवार को यहां एक अलग से सेवादार आए और उन्होंने श्रद्धालुओं के जूते साफ किए.

रकाबगंज गुरुद्वारे में आए ये सेवादार पाकिस्तान के डिप्टी अटॉर्नी जनरल मुहम्मद खुर्शीद खान थे.

पाकिस्तान के 62 वर्षीय आला अधिकारी खुर्शीद खान पेशावर के रहने वाले हैं.

खुर्शीद खान कानूनी विषयों से जुड़े एक सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली आए थे जिसके बाद उन्होने रकाबगंज गुरुद्वारे में सेवा करने की इच्छा जताई थी.

गुलाबी कुर्ते और सर पर पीला कपड़ा बांधे खान रविवार दोपहर को गुरुद्वारे गए और उन्होंने वहां आने वाले लोगों के जूते साफ किए.

भारत के अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में खान ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच मैत्री बढ़ाने के लिए मैं धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए उत्सुक रहता हूँ."

रकाबगंज गुरुद्वारे में सेवादारों की देखरेख में जुटे गुरमीत सिंह ने बीबीसी को बताया, ''पाकिस्तानी अधिकारी यहां आए थे. उन्होंने सेवा की, इससे पता चलता है कि उनके मन में श्रद्धा है. इसीलिए वो यहां आए और सेवा करके चले गए, उन्होंने किसी से ये जाहिर नहीं होने दिया कि वो किसी देश के बड़े अधिकारी हैं.''

पहले भी दी सेवाएं

खान पहले भी गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों में सेवाएं देते आए हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक उन्होने कहा, ''मैं धार्मिक स्थलों पर सेवा के जरिए पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों पर तालिबान की ज्यादतियों से बने घाव पर मरहम लगाने की कोशिश करता हूँ.''

खुर्शीद खान ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में कहा, "मैं एक मुसलमान हूँ, चरमपंथी नहीं. मै पाकिस्तान से हूँ पर चरमपंथी नहीं. तालिबान ने भले ही पाकिस्तान की संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है लेकिन कुछ लोगों की गलतियों के आधार पर पूरे समुदाय को गलत ठहराना ठीक नहीं है."

साल 2010 में पेशावर शहर से तालिबान ने तीन सिखों का अपहरण करके फिरौती मांगी थी. इन तीनों में से दो को तो पाकिस्तान की सेना ने छुड़ा लिया लेकिन तालिबान ने तीसरे सिख व्यक्ति की हत्या कर दी थी.

इसी घटना के बाद से मुहम्मद खुर्शीद खान ने धार्मिक स्थलों पर सेवाएं देनी शुरु की.