ब्रिक्स के बीच विकास बैंक की संभावना पर विचार संभव

  • 28 मार्च 2012
ब्रिक्स
Image caption इन देशों ने इस पर भी सहमति जताई है कि इन देशों के अधिकारियों को मिलकर काम करना चाहिए

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका यानी ब्रिक्स के देश एक साथ मिलकर योजनाओं पर काम करने की संभावना पर काम कर रहे हैं.

ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों ने दिल्ली में बैठक के बाद संयुक्त बयान में कहा है कि उन्होंने रूस के इस सुझाव के बाद अपने अधिकारियों से इसके तरीके और साधन ढूंढने के लिए कहा है.

जिन क्षेत्रों में इसकी संभावना पर गौर किया जा रहा है उनमें कस्टम में सहयोग, व्यापार आसान करने और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है.

इस पर भी सहमति जताई गई है कि इन देशों के अधिकारियों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ये देश अपना व्यापार, उद्योग और रोजगार बढ़ा पाएं.

गुरुवार को इन देशों के प्रमुखों का शिखर सम्मेलन होना है जिसमें ब्रिक्स के देशों के बीच एक विकास बैंक स्थापित करने पर चर्चा होने की संभावना है.

दक्षिण अफ्रीका के व्यापार मंत्री रॉब डेविस ने बुधवार को कहा कि उन्होंने इस पर अपनी सहमति जताई है.

मतभेद

एक सवाल के जवाब में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि ब्रिक्स के देशों में भले ही कुछ मतभेद हैं लेकिन इन पांचों देशों में इतना विवेक और बुद्धिमत्ता है कि वे इस पर बात कर पाएं और इनका हल ढूंढ़ सकें.

उन्होंने कहा ''इन सभी देशों में मतभेदों और अलग करने वाले मुद्दों और मतभेदों के अलावा उन्हें जोड़ने वाले मुद्दे अधिक हैं.''

संयुक्त राष्ट्र द्वारा ईरान के तेल पर नए प्रस्तावों के सवाल पर चीन के मंत्री चेन देमिंग ने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र का आदर करता है लेकिन साथ ही बाकी देशों के साथ संबंध भी बरकरार रखना चाहेगा जिनमें ईरान भी शामिल है. हालांकि उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र के किसी प्रस्ताव का उल्लंघन नहीं करेगा.

आनंद शर्मा ने भी ऐसी ही प्रतिक्रिया व्यक्त की.

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