सीबीआई की प्राथमिकी दर्ज, सेनाध्यक्ष ने शरारती तत्वों से आगाह किया

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Image caption सरकारी कंपनी बीईएमएल के चेयरमैन ने जनरल वीके सिंह के उठाए सवालों को खारिज किया

केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने सेना को सप्लाई किए जाने वाले टाट्रा ट्रकों के संबंध में एक मामला दर्ज किया है. हालाँकि इसे बनाने वाले वेक्ट्रा ग्रुप और असेंबल करने वाली सरकारी कंपनी बीईएमएल ने इस बारे में किसी भी अनियमित्ताओं के आरोपों को खारिज किया है.

हाल में भारतीय सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने आरोप लगाया था कि सेना के इस्तेमाल वाले वाहनों के सिलसिले में उन्हें 14 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश हुई थी जिसके बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.

उधर भारतीय मीडिया के अनुसार सेनाध्यक्ष ने एक ताजा बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व (सरकार और सेना के बीच) दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके बारे में सतर्क रहने की जरूरत है.

आयात घटाकर आत्मनिर्भर होने पर गंभीर विचार हो: सेनाध्यक्ष

समाचार एजेंसियों के मुताबिक जनरल वीके सिंह ने कहा है कि वे देश की सेवा करने और सेना की साख की रक्षा करने के बारे में प्रतिबद्ध हैं और सैन्य मामलों पर बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी नहीं होनी चाहिए.

उधर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार सुबह राज्यसभा में सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यदि 2009 से 2011 तक सरकार टाट्रा ट्रकों के बारे में जाँच पूरी नहीं कर पाई है तो रक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.

दूसरी ओर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह की सेनाध्यक्ष के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर कर रखी है. शुक्रवार को एक अन्य याचिका में उन्होंने कहा कि सेना उस प्रेस विज्ञप्ति को वापस ले जिसमें उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं.

अदालत ने इस बारे में ये सुनिश्चित किए जाने का आदेश दिया कि क्या विज्ञप्ति वैध तरीके से आधिकारिक तौर पर जारी की गई थी. तेजिंदर सिंह का दावा है ये सरकार की ओर से एक नागरिक की मानहानि का मामला है.

कोई शिकायत नहीं मिली: बीईएमएल

केंद्रीय जाँच ब्यूरो की प्रवक्ता ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की कि टाट्रा की सप्लाई के संबंध में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

दूसरी ओर सरकारी कंपनी बीईएमएल के चेयरमैन वीआरएस नटराजन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमें किसी ओर से टाट्रा वाहनों की कोई शिकायत मिली ही नहीं है. किसी ने नहीं कहा कि टेट्रा वाहन में कोई खराबी है. मैं सेनाध्यक्ष से केवल एक बार मिला हूँ...उस समय भी उन्होंने कहा था कि टेट्रा वाहन बहुत अच्छे हैं."

उनका कहना था, "किसी भी आलोचना का स्वागत है लेकिन वो तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए...टाट्रा ट्रक जैसे ट्रक जब दुनिया में कोई बनाता ही नहीं तो इस मामले में किसी प्रतिस्पर्धा का सवाल ही पैदा नहीं होता."

गौरतलब है कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले पर राज्यसभा में सरकार बूरी तरह घेरा है.

राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर ने आरोप लगाया, "लिखित शिकायत न होने की वजह से रक्षा मंत्री के जाँच न कराने का तर्क सही नहीं है क्योंकि यदि टाट्रा ट्रक के बारे में वर्ष 2009 से वर्ष 2011 तक दो सालों में जाँच पूरी नहीं हुई है तो सरकार और ये रक्षा मंत्री भष्ट्राचार को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और इन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. रक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

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