कॉरपोरेट जगत के 78 प्रतिशत लोगों को नींद से जुड़ी बीमारियाँ

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Image caption नींद की कमी से कई प्रभाव पड़ते हैं जैसे दिन में थकान, शारीरिक असुविधा, मानसिक तनाव, प्रदर्शन खराब होना

एक सर्वेक्षण के मुताबिक अधिक व्यस्तता और दबाव के स्तर की वजह से कॉरपोरेट जगत के लगभग 78 प्रतिशत कर्मचारी प्रतिदिन छह घंटे से कम सो पाते हैं जिससे उन्हें नींद से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं.

वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर किए गए सर्वेक्षण को जारी करते हुए भारतीय उद्योग संगठन एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा नींद की कमी से कई प्रभाव पड़ते हैं जैसे दिन में थकान, शारीरिक असुविधा, मानसिक तनाव, प्रदर्शन खराब होना और अधिक अनुपस्थिति होना.

सर्वेक्षण में कहा गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को नींद से जुड़ी ज्यादा समस्याएं होती हैं. आधे से ज्यादा महिलाओं का कहना था कि वे अक़सर इन समस्याओं का सामना करती हैं.

सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लगभग 55 प्रतिशत लोग 20 से 29 की उम्र के बीच के थे, 30-39 साल के बीच 26 प्रतिशत लोग थे, 40-49 वर्ष के बीच 16 फीसदी और 60-69 की उम्र के लगभग एक प्रतिशत लोग थे.

इस रिपोर्ट में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ़ और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों से लोगों को शामिल किया गया था. हर शहर में से औसतन 200 कर्मचारियों को चुना गया था.

नींद से जुड़ी बीमारियों में दिल्ली शीर्ष पर था जबकि उसके बाद मुंबई, अहमदाबाद, चंडीगढ़, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई रहे.

मोटापे की समस्या

इस सर्वेक्षण में 18 क्षेत्रों के लोगों को लिया गया जिसमें सबसे अधिक 17 प्रतिशत लोग आईटी और उससे जुड़े क्षेत्रों से थे.

सर्वे के मुताबिक 36 प्रतिशत लोग मोटापे से पीड़ित थे. तीसरी सबसे बीमारी जिससे लोग पीड़ित थे वो थी तनाव. इस बीमारी से 21 प्रतिशत लोग पीड़ित थे.

'हाई ब्लड प्रेशर' यानी उच्च रक्त चाप से 12 प्रतिशत लोग और मधुमेह से आठ फीसदी लोग पीड़ित थे.

फिटनेस की बात करें तो 47 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वे कोई व्यायाम नहीं करते जबकि 23 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वो एक सप्ताह में एक घंटे से कम व्यायाम करते हैं.

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