झारखंड: मुठभेड़ में छह माओवादियों के मारे जाने का दावा

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Image caption पिछले कुछ सालो में सुरक्षाबलों पर माओवादी सैकड़ो बार हमले कर चुके है. (फाइल)

झारखंड में पुलिस ने दावा किया है कि लातेहार जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी में छह माओवादियों की मौत हुई है.

हालांकि गुरुवार को हुई इस मुठभेड़ के बाद कई घंटे बीत जाने पर भी एक भी शव बरामद नहीं किया जा सका है.

पुलिस के अनुसार दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में एक जवान की मौत हो गई जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए.

पिछले महीने महाराष्ट्र में माओवादियों के कथित हमले में कम से कम 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता राज कुमार मलिक ने कहा कि पुलिस को करमडीह के जंगलों में माओवादियों के बड़े नेताओं के मौजूदगी की खबर मिलने के बाद उन्होंने उस इलाके में छापा मारा.

उन्होंने कहा, ''पुलिस और अर्धसैनिक बल के दस्तों ने इलाके को घेर लिया. थोड़ी ही देर में वहां पर गोलीबारी शुरू हो गई जिसका जवाब पुलिस ने भी दिया. हमें पूरा विश्वास है कि कई माओवादी मारे गए होंगे.''

जंगलों में मुठभेड़

लातेहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि घटना के बाद खोज अभियानों में जंगल के कई इलाकों में जमीन पर खून पड़ा मिला.

अधिकारी ने बीबीसी को बताया, ''ऐसा लगता है कि माओवादी मारे गए या घायल साथियों के शरीर घसीट कर ले जाने में सफल रहें हैं.''

पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाबल के जवान माओवादी बहुल क्षेत्र में दाखिल हुए थे.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार ये पहली बार है जब सुरक्षा बलों के जवान नारायणपुर जिले के अबूजमाड इलाके में घुस पाए हैं. इस इलाके को माओवादियों का स्थानीय मुख्यालय माना जाता है.

हालांकि माओवादियों के एक प्रवक्ता गुडसा उसेंडी ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षा बलों के जवानों ने कई गांवो को तबाह कर दिया और निर्दोष आम ग्रामीणों को माओवादियों के खिलाफ अभियान में गिरफ्तार किया है.

पिछले कुछ सालों में सेना और पुलिस के बड़े अभियानों के बाद माओवादी जंगलो की ओर पीछे हटे हैं और हिंसा के स्तर में गिरावट आई है. लेकिन छोटे-बड़े हमले अभी तक जारी है जिसमें हर साल सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है.

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