मनमोहन ने चरमपंथ, हाफिज का मुद्दा उठाया

जरदारी
Image caption पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कश्मीर, सर क्रीक और सियाचिन के मुद्दों को उठाया.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से रविवार को मुलाकात के दौरान कहा है कि मुंबई हमले में जिम्मेदार लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचाना बहुत जरूरी है.

साथ ही उन्होंने 'पाकिस्तान की जमीन से भारत के खिलाफ की जा रही गतिविधियों को बंद करने' के लिए कहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह टआतंकवाद अहम मुद्दा है और भारत की जनता दोनो देशों की बातचीत की सफलता इसी मु्द्दे से आंकेगी.'

भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने दोनों की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के बारे में भी बात की.

हाफिज के सिर पर पिछले दिनों अमरीका ने लगभग 50 करोड़ रुपए का इनाम रखा है.

रंजन मथाई ने बताया कि राष्ट्रपति ने कहा है कि इसपर दोनों देशों को और बात करनी जरूरी है. आने वाले दिनों में दोनों देशों के गृहसचिवों की बैठक होने वाली है जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा होगी.

मथाई के मुताबिक पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कश्मीर, सर क्रीक और सियाचिन के मुद्दों को उठाया.

मनमोहन को निमंत्रण

जरदारी ने भारत के प्रधानमंत्री को पाकिस्तान आने का न्यौता भी दिया है जिसे मनमोहन सिंह ने स्वीकार कर लिया.

दोनों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इसकी तारीख तय की जाएगी और दौरे की बाकी तैयारियां की जाएंगी.

दोनों नेताओं ने व्यापार पर भी चर्चा की और आपसी व्यापार बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

मथाई ने बताया कि दोनों इससे भी संतुष्ट थे कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल शुरु की गई बातचीत में प्रगति हुई है और इसे आने वाले दिनों में भी जारी रखा जाएगा.

जरदारी निजी यात्रा पर भारत आए हैं. वो अजमेर में सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए रवाना हो गए हैं.

उनके साथ लगभग 40-50 लोगों का एक दल भी है जिनमें उनके बेटे बिलावल भुट्टो भी है.

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