2जी लाइसेंस: कैबिनेट लेगी राष्ट्रपति का 'सहारा'

  • 11 अप्रैल 2012
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Image caption राष्ट्रपति से यह संदर्भ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत माँगा गया है.

यूपीए सरकार ने मंगलवार शाम हुई एक अहम बैठक में फैसला लिया है कि 2जी लाइसेंस रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राष्ट्रपति के जरिए सुप्रीम कोर्ट से सफाई ली जाएगी.

सरकार सुप्रीम कोर्ट के 2 फरवरी को दिए गए उस आदेश को और स्पष्ट कराने के लिए राष्ट्रपति का संदर्भ चाहती है जिसमे कहा गया था कि दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी के जरिए ही किया जाना चाहिए.

मंगलवार शाम हुई कैबिनेट की बैठक से निकलने के बाद केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिबल ने इस फैसले की जानकारी पत्रकारों को दी.

उन्होंने कहा, "आज कैबिनेट ने उन सभी सवालों को हरी झंडी दे दी है जिन पर हम राष्ट्रपति के संदर्भ की अपेक्षा रखते हैं."

अनुच्छेद 143

राष्ट्रपति से यह संदर्भ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत माँगा गया है.

इस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति जनहित के मुद्दों पर शीर्ष अदालत के फैसलों पर उससे स्पष्टीकरण मांग सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी महीने में दिए गए अपने आदेश में यह भी कहा था कि टेलिकॉम स्पेक्ट्रम जैसे प्राकृतिक संसाधनों को बांटने के लिए नीलामी ही सबसे उचित रास्ता है क्योंकि पहले आओ-पहले पाओ वाली नीति में खोट हैं.

सर्वोच्च अदालत के उस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई बैठकें की थीं जिनमे सरकार के समक्ष मौजूद कानूनी विकल्पों पर चर्चा होने की बात सामने आई थी.

इससे पहले वर्ष 2004 में यूपीए सरकार ने पंजाब और हरियाणा राज्यों के बीच नदी के पानी के बंटवारे के मामले में राष्ट्रपति का संदर्भ लिया था.

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