'पिता से प्रताड़ित' बच्ची आफरीन की मौत

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Image caption बच्ची की माँ की उम्र 19 वर्ष है और वह बेहद ग़रीब है

बंगलौर में पिता की कथित प्रताड़ना की शिकार तीन माह की बच्ची आफरीन की बुधवार की सुबह अस्पताल में मौत हो गई है.

बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने मीडिया को बताया कि सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर बच्ची को दिल का दौरा पड़ा और उसे नहीं बचाया जा सका. 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बच्ची की माँ रेशमा बानू ने कहा है कि आफरीन के पिता उमर फारुक को लड़के की चाहत थी और लड़की होने की वजह से नाराज़ होकर वह बच्ची को जन्म के बाद से ही प्रताड़ित कर रहा था.

पुलिस ने दो दिन पहले उसके पिता को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. हालांकि उसने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह नहीं जानता कि उसकी पत्नी क्यों ऐसे आरोप लगा रही है.

प्रताड़ना के निशान

बंगलौर के वाणी विलास अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार बच्ची आफरीन को एक सप्ताह पहले जब अस्पताल लाया गया तो उसे गंभीर चोटें लगी हुई थी.

डॉक्टरों का कहना है कि उसके गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी, उसके मस्तिष्क में चोट लगी थी और उसके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे.

पिछले तीन दिनों से आफरीन की हालत गंभीर थी और उसे वैंटिलेटर पर रखा गया था आनी उसे कृत्रिम सांस दी जा रही थी.

डॉ आर प्रेमलता के अनुसार बुधवार की सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई और तमाम कोशिशों के बावजूद उसे नहीं बचाया जा सका.

कर्नाटक शिशु कल्याण आयोग से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग तक कई संस्थाओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसकी जाँच की बात कही है.

इससे पहले दिल्ली में फ़लक नाम की एक बच्ची अस्पताल में भर्ती की गई थी. उसके शरीर पर भी प्रताड़ना के गंभीर निशान थे.

फ़लक की प्रताड़ना के पीछे कई गंभीर अपराध कथाओं का पता चला था और मौत से पहले वह कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रही थी.

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