26/11: ब्रितानी करेगा ताज होटल पर मुकदमा

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Image caption 2008 में मुंबई में ताज होटल समेत कुछ और जगहों पर हुए हमले में 165 लोग मारे गए थे

2008 के मुंबई हमले में घायल होनेवाले एक ब्रिटिश व्यक्ति ने कहा है कि वो ताज होटल समूह के खिलाफ मुआवजे के लिए मुकदमा करेगा.

32 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विल पाइक के वकील रसेल लेवी का कहना है कि उनके मुवक्किल को लगता है कि होटल की सुरक्षा ढीली थी और वो अपने मेहमानों को सुरक्षित बचा पाने में भी नाकाम रहे इसलिए होटल प्रबंधन लापरवाही का ज़िम्मेदार है.

वकील ने ताज होटलों के मालिक टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा के एक इंटरव्यू का उदाहरण दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें होटल पर हमला होने की चेतावनियाँ दी गई थीं मगर इसके बावजूद होटल के कुछ प्रवेशद्रारों पर पहरा नहीं था.

रसेल लेवी के अनुसार उन्हें उम्मीद है कि उनके मुवक्किल को क्षतिपूर्ति के लिए लगभग 15 लाख डॉलर मिलना चाहिए.

साथ ही वे टाटा समूह से विल पाइक के सालाना मेडिकल खर्च का भार उठाने की माँग करेंगे जो डेढ़ लाख डॉलर के बराबर है.

टाटा समूह ने कहा है कि वे इस मुकदमे से अवगत हैं और कानूनी सलाह ले रहे हैं.

हादसा

26 नवंबर 2008 की रात जब कुछ हथियारबंद लोगों ने मुंबई में ताज होटल पर हमला किया था तब विल पाइक और उनकी गर्लफ्रेंड वहाँ रूके हुए थे.

दोनों लोग भारत छुट्टियों पर गए थे और छुट्टी के अंतिम दिन को विशेष बनाने के लिए उन्होंने ताज होटल में रूकने का फैसला किया था.

होटल के कमरे के बाहर गोलियों की आवाज़ें सुनने के बाद दोनों ने पहले खुद को कमरे में ही बंद कर सुरक्षित रखने की कोशिश की.

मगर गोलियों की आवाज के नजदीक आते जाने और दरवाजे के नीचे से धुआँ आता देखकर उन्होंने खिड़की से भागने की कोशिश की.

इसके लिए उन्होंने चादरों और पर्दों को बाँधकर रस्सी बनाई और फिर एक खिड़की को तोड़कर वहाँ से नीचे उतरने लगे.

विल पाइक पहले उतरे मगर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए.

इस चोट के कारण उनका कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है.

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