'फरार' नूपुर को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका

आरूषि तलवार इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption 14 वर्षीया आरूषि तलवार की हत्या भारत की एक बहुचर्चित अनसुलझी आपराधिक घटना है.

सुप्रीम कोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में नूपुर तलवार के खिलाफ गैर जमानती वारंट पर रोक के लिए याचिका गुरुवार को सुनने से मना कर दिया है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा.

बुधवार को गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरुषि की माँ नूपुर तलवार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, क्योंकि वे अदालत में पेश नहीं हुई थी.

बुधवार देर रात तक सीबीआई की टीम नूपुर तलवार की तलाश में भटकती रही, लेकिन नूपुर का कोई पता नहीं चला. उम्मीद है कि शुक्रवार को अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान नूपुर तलवार सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगी.

खाली हाथ लौटी सीबीआई टीम

आरुषि तलवार हत्या मामले में बुधवार को जब सीबीआई की टीम जब अदालत के आदेश पर नूपुर तलवार को 'हिरासत' में लेने उनके घर पहुंची तब उनका कोई अता पता नहीं मिला और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा.

बीबीसी से हुई बातचीत में सीबीआई प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी टीम नूपुर और राजेश तलवार के घर से वापस लौट गई क्योंकि नूपुर का कोई पता नहीं चला.

यह पूछे जाने पर कि क्या नूपुर तलवार को 'भगौड़ा' घोषित किया जा रहा है, सीबीआई प्रवक्ता ने सिर्फ यह कहते हुए बात टाल दी कि 'यह कोर्ट का काम है, हमारा नहीं'.

इससे पहले गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने नूपुर तलवार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था.

इस बीच राजेश और नूपुर तलवार की वकील रेबेका जॉन ने बीबीसी से हुई बातचीत में बताया कि यह एक कानूनी आदेश है और इस बात पर जोर दिया है कि तलवार दंपत्ति को कोर्ट के आदेशों का पालन करना चाहिए. सीबीआई की टीम आरुषि की मां नूपुर तलवार को गिरफ्तार करने नई दिल्‍ली के उनके हौज खास स्थित आजाद अपार्टमेंट पहुंची थी लेकिन नूपुर तलवार को 'हिरासत' में नहीं ले सकी.

ख़बरों के मुताबिक़ सीबीआई की इस टीम में दो महिला अधिकारी एवं स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल थे.

अदालत के आदेश

सीबीआई ने 14 मार्च को एक आदेश जारी कर नूपुर तलवार को 30 दिन के भीतर अदालत के सामने हाजिर होने के लिए कहा था.

मगर उनके वकील ने ये कहते हुए सुनवाई में शामिल होने से छूट दिए जाने की माँग की थी कि सुनवाई के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में उनकी एक याचिका पर सुनवाई होनी बाकी है.

राजेश तलवार पर पिछले साल गाजियाबाद अदालत में हमला हुआ था जिसके बाद तलवार दंपति ने सुनवाई को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी.

Image caption सीबीआई ने राजेश और नुपुर तलवार पर आरूषि और हेमराज की हत्या में लिप्त होने का आरोप लगाया है

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने उनकी अपील को खारिज कर दिया था.

अब तलवार दंपति ने पुनर्विचार याचिका दी है जिसपर सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को सुनवाई होगी.

इससे पहले मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी तलवार दंपति को राहत नहीं मिली जिसने पिछले महीने जारी अपने एक आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें गाजियाबाद अदालत से नूपुर तलवार की जमानत के आवेदन पर बिना अधिक समय ख़र्च किए फैसला करने का निर्देश दिया गया था.

हाईकोर्ट ने 13 मार्च को अपने आदेश में नूपुर तलवार से गाजियाबाद में सीबीआई की अदालत में समर्पण करने और फिर अदालत से उनके आवेदन पर फैसला करने का आदेश जारी किया था.

14 वर्षीया आरूषि का शव मई 2008 में नोएडा में उसके बेडरूम में मिला था. इसके अगले दिन उनके नौकर हेमराज की लाश उनके घर की छत पर बरामद की गई.

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