अमरीका: अभियुक्त की बगैर कपड़ों के तलाशी की अनुमति होगी

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Image caption अधिकारियों को हक होगा कि किसी को जेल में भेजने से पहले वह बगैर कपड़ों के उनके पूरे शरीर की तलाशी ले सकते हैं.

अमरीका के उच्च्तम न्यायालय ने देश में हर गिरफ़्तार होने वाले व्यक्ति के पूरे शरीर की तलाशी लेने की मंजूरी दे दी है.

सुप्रीम कोर्ट के कुल नौ में से पाँच जजों ने इस फैसले का समर्थन किया और चार ने विरोध किया.

इसके तहत अधिकारियों को हक होगा कि किसी को जेल में भेजने से पहले वह बगैर किसी कपड़े के उनके पूरे शरीर की तलाशी ले सकते हैं.

और इसके लिए किसी वाजिब कारण का होना आवश्यक नहीं है.

अमरीकी संविधान के चौथे संशोधन के तहत अब तक बिना किसी वाजिब कारण के इस प्रकार की तलाशी लेना कानूनन जुर्म था. जैसे अगर अधिकारियों को यह शक हो कि कोई कैदी जेल में हथियार या कोई नशीले पदार्थ छुपा कर ले जा रहा है तो उसके पूरे बदन की तलाशी ली जा सकती थी.

लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद छोटे से छोटा जुर्म जैसे ट्राफ़िक सिगनल को तोड़ना, या कार चलाते हुए मुड़ने का सिग्नल न देना या फिर पार्किंग का चालान समय पर न भरने के कारण होने वाली गिरफ़्तारी के बाद भी पुलिस पूरे शरीर की तलाशी ले सकती है.

नाराज़गी

अमरीका में मानवाधिकार संस्थाएं और कार्यकर्ता इस फ़ैसले से नाराज़ हैं.गिडियन ऑलिवर अमरीकी वकील हैं जो मानवाधिकार संबंधित मुकददमे लड़ते हैं.

वह कहते हैं,“यह बहुत ही खतरनाक औऱ चिंताजनक फ़ैसला है. यह फ़ैसला हर व्यक्ति की तलाशी की इजाज़त देता है, बग़ैर यह जांचे हुए कि उसने क्या जुर्म किया है, कैसा जुर्म किया है, किन हालात में कथित जुर्म किया गया है वगैरह. यह बिल्कुल अनुचित और गलत है.”

अमरीका में हर साल करीब एक करोड़ 30 लाख लोगों को जेलों में बंद किया जाता है.अब इस नए फ़ैसले पर चर्चा भी हो रही है.

आलोचना

कुछ अखबारों और टीवी चैनलों पर इस नए फ़ैसले की निंदा भी की जा रही है.

एक समाचार पत्र साल्ट लेक ट्रीब्यून में इस खबर के साथ ही एक कार्टून भी छापा गया है जो इस फ़ैसले का मज़ाक उड़ाता है. उसमें दिखाया गया है कि पाँच जज बिना वस्त्र के एक व्यक्ति की तलाशी ले रहे हैं और वह कह रहा है कि मैंने तो कुछ नहीं किया.

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के समर्थक पाँच में से एक जज एंथनी केनेडी ने अपने फ़ैसले में लिखा है कि जेल के अधिकारियों को फ़ैसला लेने की छूट होनी चाहिए कि वह जेलों में हथियार और नशीले पदार्थ की तस्करी रोकने के साथ- साथ वहां मौजूद लोगों की सेहत और विभिन्न गुटों से संबंधित जानकारियां जुटाने के लिए मुल्ज़िम और मुजरिमों के पूरे शरीर की तलाशी लें.

लेकिन अमरीकी केंद्रीय सरकार और कम से कम 10 ऐसे राज्य हैं जो इस प्रकार सारे कैदियों की पूरे शरीर की तलाशी को गैरकानूनी मानते हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अब हर जगह जेलों के कैदियों और गिरफ़्तार होने वाले मुल्ज़िम को भी इस तलाशी से गुज़रना पड़ सकता है.

लेकिन यह पहला ऐसा फ़ैसला नहीं है जिसमें कानून के बारे में मानवाधिकार और आम नागरिकों की आज़ादी को लेकर सवाल उठे हों. इससे पहले पेट्रियट एक्ट और नेशनल डिफ़ेंस ऑथराईज़ेशन एक्टस जैसे कानून भी आम लोगों की आज़ादी पर प्रहार के रूप में देखे जाते हैं.

इसके अलावा न्यू यॉर्क में मुसलमानों और उनकी मसजिदों वगैराह की गैरकानूनी तरीके से निगरानी किए जाने के भी मामले सामने आए हैं. अमरीका में धर्म के आधार पर भेदभाव करना जुर्म है.

मानवाधिकार कार्यकर्ता मानते हैं कि सरकारी नीतियों के नतीजे में हर धर्म और नस्ल के लोगों के अधिकारों पर हमले हो रहे हैं.

पाकिस्तानी मूल के अमरीकी फ़हद अहमद मानवाधिकार संस्था ड्रम के कार्यकर्ता हैं. वह कहते हैं,“हम समझते हैं कि यह सिर्फ़ हमारे समुदाय के साथ ही नहीं हो रहा बल्कि वह सारे समुदाय जिनको दबाया गया है, चाहे वह अश्वेत हों, या लातीनी अमरीकी हों, सबके साथ ऐसा हो रहा है.”

सुप्रीम कोर्ट में इस नए फ़ैसले का विरोध करने वाले चार जजों में से एक स्टूफ़न ब्रायर ने अपने फ़ैसले में लिखा है कि हर व्यक्ति की इस प्रकार से तलाशी लेना मानव जाति का घोर अपमान करने के बराबर है.

लेकिन अमरीका में अब तक इस फ़ैसले पर आम लोगों की नाराज़गी नहीं दिखी है.

भारतीय मूल के सतीश कुल्लूरी हैदराबाद से न्यूयॉर्क आकर वहां पेस विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं.

वह भी इस नए कानून से नाराज़ हैं. वह कहते हैं, “मुझे यही गुस्सा आया कि सबकी तलाशी लेने का कानून कोर्ट ने बनाया है उसके बारे में तो यहां कोई विरोध ही नहीं हो रहा है. बाकी कई मुद्दों पर लोग सड़क पर आ जाते हैं लेकिन अब तक इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन क्यूं नहीं हो रहे हैं. इस कानून के तहत तो आपको गिरफ़्तार करते ही पूरे जिस्म की तलाशी ली जा सकती है.”

सुप्रीम कोर्ट असल में न्यू जर्सी के एक अश्वेत अमरीकी एलबर्ट फ़्लोरेंस के मुकददमे की सुनवाई कर रही थी. इसमें फ़्लोरेंस को यातायात कानून तोड़ने का जुर्माना समय पर अदा न करने के कारण जेल में एक हफ़्ते तक बंद रखा गया था और उसी के दौरान कपड़े के बगैर उनके पूरे जिस्म की कई बार तलाशी ली गई थी.