ममता की तस्वीर भेजने वाले को रिहा किया गया

Image caption प्रोफेसर को फेसबुक पर 'आदरणीय व्यक्तियों 'की तथाकथित आपत्तिजनक तस्वीर जारी करने के लिए गिरफ्तार किया गया, बाद में कोर्ट ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया

कोलकाता के एक अदालत ने जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया है. प्रोफेसर को कोलकाता पुलिस ने इंटरनेट पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित आपत्तिजनक तस्वीर जारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

जादवपुर विश्वविद्यालय के इस प्रोफेसर का नाम अंबिकेश महापात्रा है जो वहां रसायन शास्त्र पढ़ाते हैं. भारतीय दंड विधान की कई धाराओं के अलावा उनके खिलाफ पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े कानून की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया है

कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमीश्नर सुजॉय चंदा ने कहा है, ”प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को किसी सम्मानित व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक संदेश भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.”.

नाम बताने से इंकार

लेकिन जब पुलिस से उस ‘आदरणीय व्यक्ति’ का नाम पूछा गया तो उन्होंने उस व्यक्ति का नाम बताने से इंकार कर दिया. पुलिस के अनुसार प्रोफेसर को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा.

गुरूवार की रात जब प्रोफेसर अपने घर वापस आ रहे थे तो उनके उपर तृणमुल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रोफेसर महापात्रा ने कथित तौर पर कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, रेल मंत्री मुकुल राय और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की तस्वीर को संपादित करके अश्लील रुप में फेसबुक पर लगा दिया था.

फिल्म से प्रेरित है तस्वीर

Image caption यही तस्वीर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा के गिरफ्तारी का कारण बना है

इस संपादित तस्वीर में ममता बनर्जी रेल मंत्री मुकुल रॉय को भारतीय रेलवे के प्रतीक चिन्ह को दिखाकर कह रही है, “ देखो मुकुल, स्वर्ण किला को देखो.”

इस पर रेल मंत्री मुकुल रॉय ममता बनर्जी को पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए कहता है, “वह बुरा आदमी है.”

इसपर ममता बनर्जी कहती है, “बुरा आदमी? गायब!”

दरअसल इस तस्वीर को सत्यजीत राय की फिल्म सोनार केला से प्रेरित होकर संपादित किया गया है, जिसमें फेलुदा मुख्य भूमिका में है. हालांकि इस फिल्म में एक बच्चा भी मुख्य किरदार में है और जिसका नाम भी मुकुल है.

संयोग से तृणमुल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी को रेल बजट पेश करते ही इस्तीफा देना पड़ा था और पार्टी के महासचिव मुकुल रॉय ने नए रेल मंत्री का स्थान लिया था.

ममता समर्थकों ने भी की निंदा

दूसरी तरफ, राज्य सरकार द्वारा प्रोफेसर की गिरफ्तारी का विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और बुद्धिजीवी समुदाय ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मानते हुए कड़ी निंदा की है. निंदा करने वालों में वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें ममता बनर्जी का नजदीकी माना जाता हैं.

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर इस घटना की निंदा शुरु हो गयी है.

इस घटना के बाद तृणमुल कांग्रेस के सांसद और गायक सुमन कबीर, रंगमंच से जुड़े कौशिक सेन, शिक्षाशास्त्री सुनंदा सान्याल ने ममता बनर्जी सरकार की निंदा की है.

ये सभी लोग सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी के साथ थे. इनमे से कई लोगों ने खुलेआम पिछले चुनाव में ममता बनर्जी का समर्थन भी किया था.

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