नीतीश मुबंई आने की जुर्रत ना करेः ठाकरे

Image caption राज ठाकरे ने नीतीश कुमार को फिर मुबंई ना आने की चेतावनी दी है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फिर से चेतावनी देते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि वह मुंबई में बिहार दिवस मनाने आते हैं तो इसका अंजाम बुरा होगा.

महाराष्ट्र के मालेगांव में गुरुवार रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और गृह मंत्री आर आर पाटिल से अपील भी की है कि वे बिहार के मुख्यमंत्री से बात करे और बताएं कि उन्हें मुंबई आकर बिहार दिवस मनाने की जरूरत नहीं है.

राज ठाकरे ने कहा, "मैं किसी तरह की राजनीति नहीं करना चाहता लेकिन जब बिहार के सौ साल 22 मार्च को ही पूरे हो गए हैं तो एक बार फिर 15 अप्रैल को वहां के मुख्यमंत्री को मुंबई में बिहार दिवस मनाने की क्या जरूरत है?"

इससे पहले इसी हफ्ते मीडिया में खबरें आईं थी कि राज ठाकरे की पार्टी में बिहार दिवस के मुंबई आयोजन पर रोक लगाने पर चर्चाएं हुईं.

जिसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बयान दिया कि उन्हें बिहार दिवस के आयोजन में भाग लेने से कोई भी रोक नहीं सकता और उन्हें मुंबई जाने के लिए किसी 'वीजे' की ज़रुरत नहीं है.

नीतीश के समर्थन में पवार

बिहार दिवस के विरोध करने के कारण के बारे में पूछे जाने पर राज ठाकरे ने कहा, "एक तो बिहारी यहां के संसाधन पर बोझ बने हुए है और अब उन लोगों ने राजनीति भी करनी शुरू कर दी है."

ठाकरे ने कहा कि इसमें नीतीश की कुटिलता छुपी हुई है, इसलिए वह इस तरह की बकवास को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगें. ठाकरे ने कहा कि अगर नीतीश कुमार ऐसा करने पर आमदा हैं तो रविवार को देखना कि इसका अंजाम कितना खराब होता है.

दूसरी तरफ महाराष्ट्र के दूसरे बड़े नेता और केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार नीतीश कुमार के समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने कहा, "आखिर इसमें क्या परेशानी है कि किसी राज्य के लोग अपने राज्य का स्थापना दिवस मना सकते हैं."

राज ठाकरे इससे पहले वर्ष 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव से भी इसी तरह उलझ चुके हैं, जब वह बिहारी मूल के लोगों द्वारा मुंबई में आयोजित छठ पूजा के कार्यक्रम के लिए गए थे.

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