शाहरुख, दीदी, और फिश फ्राई...

  • 14 अप्रैल 2012
Image caption शाहरुख और ममता बनर्जी के बीच पनपे लगाव की शुद्ध व्यावसायिक वजहें हैं

ईडेन गार्डन में पिछले सप्ताह कोलकाता नाइट राइडर्स के पहले मैच से लगभग घंटे भर पहले इस टीम के मालिक शाहरुख खान मुंबई से कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचे और सीधे राइटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कमरे में जा पहुँचे.

कुछ देर बाद दोनों हंसते हुए बाहर निकले. मीडिया की भीड़ और कैमरों के चमकती फ्लैशलाइटों के बीच शाहरुख ने ममता को अपनी दीदी बताया और ममता ने उनको अपना छोटा भाई.

शाहरुख ने बंगाल की छवि चमकाने में पूरा सहयोग देने का वादा किया. उन्होंने कहा, "बदले में मुझे कोई पैसा नहीं चाहिए. हां, मुझे यहां की फिश फ्राई (भुनी हुई मछली) बेहद पसंद है और मुझे हर बार यही चाहिए."

भाई ने दीदी को मैच देखने का न्योता दिया और फिर दीदी के साथ उनकी कार में ही बैठकर ईडेन गार्डन रवाना हो गए. लेकिन जरा ठहरिए. भाई-बहन और फिश फ्राई का यह नजारा कोई पारिवारिक या बेहद अपनेपन का मामला नहीं है.

इस हाथ ले, उस हाथ दे

अब इस लगाव के पीछे छिपी जो बातें छन-छन कर सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि यह 'इस हाथ ले उस हाथ दे' की तर्ज पर एक विशुद्ध व्यावसायिक सौदेबाजी है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले साल नवंबर में ही शाहरुख को बंगाल का ब्रांड अंबेसडर बनाने का ऐलान किया था. शाहरुख भी चार साल से सत्ता से नजदीकी बढ़ाने का मौका तलाश रहे थे.

Image caption शाहरुख अपनी आईपीएल फ्रैंजाइजी के लिए मंनोरंजन कर में रियायत चाहते हैं

उन्होंने राज्य की पूर्व वाममोर्चा सरकार के मुखिया बुद्धदेव भट्टाचार्य से भी मुलाकात की थी. लेकिन ईडेन में होने वाले नाइट राइडर्स के मैचों के एवज में वसूली जाने वाला मनोरंजन कर रकम में छूट का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था.

इसलिए उन्होंने ब्रांड अंबेसडर बनने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया. उसके बाद महीनों तक इस बात की अटकलें लगती रहीं कि भारी आर्थिक तंगी से जूझ रही बंगाल सरकार शाहरुख को करोड़ों की फीस कैसे चुकाएगी.

किंग खान का खेल

लेकिन नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम खरीदने के साथ ही विशुद्ध व्यापारी बन चुके शाहरुख ने कोलकाता को अपना दूसरा घर और ममता को अपनी दीदी बता कर कोई फीस नहीं लेने का एलान किया.

उन्होंने या राज्य सरकार ने तब यह नहीं बताया कि आखिर इस दरियादिली का राज क्या है.

अब जब किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख बंगाल ब्रांड को चमकाने के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी के लिए तैयार थे तो भला राज्य सरकार का भी तो कुछ फर्ज बनता था.

इसलिए ईडेन में नौ सौ रुपये की टिकटों पर मनोरंजन कर की रकम माफ कर दी गई. दलील यह दी गई कि इससे दर्शकों को सहूलियत होगी.

लेकिन परदे की पीछे कुछ और खेल हो रहा था. शाहरुख और ममता की इस मुलाकात के पहले कोलकाता नगर निगम और नाइट राइडर्स प्रबंधन के बीच पिछले साल कर के मद में बकाया 20 लाख और इस साल आठ मैचों के एवज में 72 लाख की रकम के भुगतान मुद्दे पर खींचतान चल रही थी.

निगम नरम हुआ

एक दिन पहले ही निगम ने इस मद में शाहरुख की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की ओर से दिया गया 25 लाख का चेक लौटा दिया था.

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Image caption बंगाल की ब्रैंडिंग करेंगे शाहरुख खान

यही नहीं, निगम ने अग्रिम रकम का भुगतान नहीं होने की स्थिति में इस साल मैचों के दौरान पानी और साफ-सफाई की सुविधा मुहैया नहीं कराने की भी चेतावनी दी थी. लेकिन अगले दिन ममता और शाहरुख की मुलाकात के बाद निगम ने अचानक अपना रवैया बेहद नरम कर लिया.

निगम के वित्त विभाग के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, ‘उस दिन डिप्टी मेयर फरजाना आलम ने कहा कि शाहरुख की कंपनी जो भी पैसे दे, उसे ले लिया जाए.’

दीदी की दरियादिली

कोलकाता नगर निगम के बोर्ड पर भी तृणमूल कांग्रेस का ही कब्जा है. अब भाई के न्योते पर दीदी मैच देखने जाएं और निगम वाले हाथ धोकर कर मांगने पर अड़े रहें, यह भला कैसे संभव था!

केकेआर के एक अधिकारी कहते हैं, ‘हमें उम्मीद है कि सरकार हमें एक हजार रुपये से ज्यादा कीमत वाले टिकटों पर भी मनोरंजन कर में छूट दे देगी.’

खेल मंत्री मदन मित्र इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई सीधी टिप्पणी करने को तैयार नहीं है. लेकिन उनका कहना है कि कर माफी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का फैसला ही अंतिम है.

वह कहते हैं, ‘मुख्यमंत्री के ऐलान का कोई विरोध नहीं कर सकता. हमने दर्शकों की सहूलियत के लिए बसों और हुगली में चलने वाली फेरियों की तादाद बढ़ा दी है. मैं इस सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता कि कर में छूट देने का शाहरुख के ब्रांड अंबेसडर बनने से कोई संबंध है या नहीं.’

Image caption शाहरुख सत्ता से हमेशा नजदीकियां रखने के लिए जाने जाते हैं

'हम तो कर लेंगे'

इस मुद्दे पर उठते सवालों के बीच नगर निगम के मेयर शोभन चट्टोपाध्याय कहते हैं,"हमने केकेआर को मनोरंजन कर से पूरी तरह छूट देने के बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है.शाहरुख को बंगाल का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है. लेकिन मुख्यमंत्री के साथ उनकी बैठक के दौरान कर माफी के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई थी. इसलिए फिलहाल टीम पर बकाया या इस साल वसूला जाने वाला कर माफ नहीं कर रहे हैं."

वह कहते हैं कि इस बारे में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही करेंगी. लेकिन यह बताने को तैयार नहीं हैं कि शाहरुख ने इस मद में कितनी रकम का भुगतान किया है.

इस बारे में पूछने पर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के एक अधिकारी का कहना था, ‘यह आईपीएल प्रबंधन और नगर निगम के बीच का मामला है. छूट देना या नहीं देना सरकार के हाथों में है. सीएबी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.’

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