माओवादियों का समय सीमा बढ़ाने से इनकार

झीना हिकाका
Image caption झीना हिकाका को मार्च 23 को माओवादी गुट आंध्रा-ओडिशा बॉर्डर कमिटी ने अगवा किया था.

ओडिशा में माओवादी गुट आंध्रा-ओडिशा बॉर्डर कमिटी ने कहा है कि वो विधायक झीना हिकाका की रिहाई को लेकर बुधवार समाप्त हो रही समय सीमा को नहीं बढ़ाएगी.

कॉमरेड अरुणा ने स्थानीय पत्रकार संदीप साहू को बताया कि माओवादी इस बार समय सीमा नहीं बढ़ाएंगे और इस मामले पर प्रजाकोर्ट बैठेगी और फैसला लेगी.

कॉमरेड अरुणा ने बताया कि ये प्रजाकोर्ट या जनता की अदालत बालीपेटा में होगी और झीना हिकाका की रिहाई को लेकर इसमें फैसला लिया जाएगा.

लेकिन ये बैठक कब होगी और क्या फैसला लिया जाएगा इस पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी.

अरुणा ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में समय बर्बाद कर रही है और अब माओवादियों को उन पर भरोसा नहीं है.

विधायक झीना हिकाका को मार्च 23 को माओवादी गुट आंध्रा-ओडिशा बॉर्डर कमिटी ने अगवा किया था.

मांग

माओवादियों ने ये मांग की थी कि सरकार 29 लोगों को रिहा करे और उनके खिलाफ जो भी मामले तय किए गए हैं वो वापस ले.

इस पर सरकार ने कहा था कि वो 25 लोगों को छोड़ने के लिए तैयार है लेकिन चार अन्य को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

माओवादियों ने कहा था कि सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि वो माओवादियों को रिहा करने के लिए क्या कदम उठा रही है.

लेकिन बुधवार को माओवादियों की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि राज्य सरकार के जमानत पर कैदियों को रिहा करने और उन पर से अभियोग हटाए जाने के वादे के बाद से उसे उम्मीद थी कि माओवादी विधायक को रिहा कर देंगे.

इस शाम समाप्त हो रही समय सीमा से पहले राज्य सरकार और विधायक के परिजनों ने माओवादियों से उनकी रिहाई की ताजा अपील की है.

माओवादियों ने दो इतालवी नागरिक क्लॉडियो कोलेंजिलो और बोसुस्को पाओलो को बंधक बनाया था लेकिन बाद में उन्हें एक-एक करके छोड़ दिया गया था.

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