बिहार: वीजा उल्लंघन के आरोप में फ्रेंच पर्यटक बाहर

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बिहार की पुलिस ने दस फ्रांसीसी नागरिकों को सोमवार सवेरे राज्य से बाहर भेज दिया है.

राज्य पुलिस प्रवक्ता के अनुसार ये फ्रांसीसी सैलानी वीज़ा नियमों के विरुद्ध जाकर कुछ ग़ैर सरकारी संगठनों की बैठकों में हिस्सा ले रहे थे.

बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) रवीन्द्र कुमार ने बीबीसी को बताया कि हाल ही में जमूई और नवादा में पुलिस ने संदेह होने पर इन्हें पूछताछ के लिए रोका था.

उसी दौरान पुलिस को पता चला कि टूरिस्ट वीज़ा पर आये हुए ये लोग स्थानीय प्रशासन को सूचित किए बगैर ग्रामीण इलाक़े में घूमते हुए कुछ सभाओं में हिस्सा ले रहे थे.

पुलिस स्पेशल ब्रांच के निर्देश पर नवादा ज़िला पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सभी दस फ्रांसीसी नागरिकों के वीज़ा-पासपोर्ट की जांच की.

पुलिस प्रवक्ता रवीन्द्र कुमार ने बताया कि सैलानी के रूप में आए इन लोगों को जब वीज़ा शर्तों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उन्हें पुलिस सुरक्षा में लेकर रविवार को नवादा सिर्किट हॉउस में रखा गया और वहाँ से सोमवार सुबह पटना लाकर यहाँ से विमान द्वारा दिल्ली भेज दिया गया.

गुस्सा

उधर जमूई इलाक़े में काम कर रही ग़ैर सरकारी संस्था ' एकता परिषद् ' और नवादा में कार्यरत ' नव चेतना विकास केंद्र ' ने पुलिस की कार्रवाई पर रोष ज़ाहिर किया है.

एकता परिषद के पी. वी. राजगोपाल ने बीबीसी से कहा, "फ्रांसीसी नागरिकों को जिस तरह से वापस भेजा गया वो निहायत ही शर्मनाक था. उन्होंने किसी तरह भी वीजा नियमों का उल्लंघन नहीं किया था."

सुनिए: राजगोपाल से बातचीत

उन्होंने कहा, "वो पेशे से किसान थे और विनोबा भावे के भू-दान आंदोलन से बेहद प्रभावित थे, इसलिए मैने उन्हें विनोबा का आश्रम देखने के लिए आमंत्रित किया था जिसके बाद वो एक कार्यक्रम में मेरे साथ बैठे. भारत में आकर गांधी, विनोबा और जय प्रकाश की कार्यस्थली पर जाना किसी तरह से वीजा नियमों का उल्लंघन नहीं."

राजगोपाल का कहना है कि, "हाल के दिनों में ये देखने में आया है कि प्रशासन और पुलिस हर उस व्यक्ति या संगठन पर माओवादी होना या उनके साथ होने का आरोप मढ़ देती है जो उनके विरोध में आवाज उठा रहा है. ये प्रजातांत्रिक व्यवस्था के विरूद्ध है.

इन संस्थाओं का आरोप है कि बिहार की पुलिस ने इन फ्रांसीसी नागरिकों पर यहाँ किसी राजनीतिक गतिविधियों में शरीक होने का बेवजह संदेह किया है.

पुलिस के अनुसार इन दस फ्रांसीसी सैलानियों में से तीन को जमूई ज़िले में, और बाक़ी सात( तीन महिला, चार पुरुष) को नवादा ज़िले में पूछताछ के लिए रोका गया था.

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