अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति पर याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट
Image caption एक जनहित याचिका में जनरल बिक्रम सिंह की सेना प्रमुख के तौर पर होने वाली नियुक्ति को चुनौती दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अगले सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बिक्रम सिंह की नियुक्ति को चुनौती देनी वाली याचिका खारिज कर दी है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया था जिसे देखने के बाद यह फैसला किया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इस मामले में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं है.

इस जनहित याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में जनरल बिक्रम सिंह की सेना प्रमुख के तौर पर होने वाली नियुक्ति को चुनौती दी गई थी.

सुबह जब इस याचिका पर सुनवाई शुरु हुई तो केंद्र ने इस जनहित याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका गलत इरादे से तथा आयु संबंधी विवाद दोबारा से लाने के लिए दायर की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई को बंद कमरे में करने की मांग को भी ठुकरा दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के उम्र संबंधी विवाद पर अदालत फिर से विचार नहीं करेगा.

याचिका

यह याचिका कई रिटायर्ड सेना अधिकारियों और नौकरशाहों ने मिलकर दाखिल की है.

कैबिनेट कमेटी उनकी नियुक्ति को हरी झंडी दिखा चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या बिक्रम सिंह के खिलाफ आरोपों को इस कमेटी के सामने रखा गया था.

इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने अपनी उम्र के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

जनरल वीके सिंह ने उस समय अपनी अर्जी वापस ले ली थी जब सुप्रीम कोर्ट नें मामले में हस्तक्षेप करने के इनकार कर दिया. अदालत ने उन्हें अपनी अर्जी वापस लेने का मौका दिया था.

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