मारे गए मछुआरों के परिवारजनों को इटली देगा एक-एक करोड़

  • 24 अप्रैल 2012
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फरवरी में मारे गए दो भारतीय मछुआरों के परिवारवालों और इटली के अधिकारियों के बीच कोर्ट से मामला वापस लेने पर सहमति हो गई है.

इटली के समुद्री जहाज़ एनरिका लेक्सी के गार्डों ने फरवरी में भारतीय मछुआरों पर कथित तौर पर गोली चला दी. गोर्डों का कहना था कि उन्हें लगा ये समुद्री लुटेरे हैं.

सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में दो मछुआरे मारे गए थे जिसके बाद मामला केरल की अदालत में चला गया था.

अधिकारियों ने कहा है कि आपसी सहमति के तहत वेलेन्टाइन और अजेश पिंक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए मिलेंगे और बदले में वे कोर्ट केस वापस लेंगे.

जिस समय गोलीबारी की घटना हुई थी उस समय इटली के सुरक्षाकर्मी अपने देश के टैंकर एनरिका लेक्सी की सुरक्षा के लिए तैनात थे. ये टैंकर सिंगापुर से मिस्र जा रहा था जिसमें 19 भारतीयों समेत 34 क्रू सदस्य सवार थे. गोलीबारी की घटना के बाद से इतालवी मरीन हिरासत में थे.

मंगलवार को हुए समझौते के तहत मुआवजे की रकम वेलेन्टाइन की विधवा और दो बच्चों और अजेश पिंक की दो बहनों के दिए जाएँगे.

बाद में परिवारवालों ने अदालत को बताया कि वो इतालवी नागरिकों के खिलाफ मामला वापस ले रहे हैं.

गोलीबारी की घटना के बाद से भारत और इटली के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत और तनातनी चल रही थी. इतालवी नाविकों को गिरफ्तार कर लिया गया था जिन्हें बाद में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

इटली का तर्क था कि उसके लोगों पर भारतीय कानून के तहत मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता. इटली के मुताबिक सुरक्षाकर्मी जिस टैंकर पर थे उस पर इटली का झंडा था, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती.

जबकि भारत का कहना था कि इतालवी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ स्थानीय कानून के तहत मुकमदा चले और उनके खिलाफ हत्या का मामला दायर किया था.

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