इटली के जहाज को जाने की अनुमति

जहाज
Image caption इटली के जहाज के सैनिकों ने दो भारतीय मछुआरों को मार दिया था.

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इटली के उस जहाज को भारतीय समुद्र से जाने की अनुमति दे दी है जिसके दो मरीन सैनिकों ने दो भारतीय मछुआरों को गोली मार दी थी.

इन दो मरीन सैनिकों को भारत में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

इटली का कहना है कि दोनों मरीन सैनिकों ने गलती से गोलियां चलाई थीं क्योंकि भारतीय मछुआरे उन्हें सोमालिया के समुद्री लुटेरे प्रतीत हुए थे.

अदालत का कहना था कि एनरिका लेक्सी के चालक दल के सदस्यों को जरुरत पड़ने पर भारतीय अदालत या पुलिस के समक्ष पेश होना होगा.

यह घटना केरल के पास समुद्र में उस समय हुई थी जब मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने गए थे. मरीन की गोलियों से अजेश पिंक और वैलेन्टीन नाम के दो मछुआरे मारे गए थे.

कूटनीतिक तनाव

इस घटना से भारत और इटली के बीच कूटनीतिक तनाव की स्थिति बन गई थी.

इटली का कहना था कि उनके नागरिकों पर भारतीय कानून के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि जहाज पर इटली का झंडा लगा था और जब ये घटना हुई तब जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्र में था.

अभी तक भारत का कहना था कि यह घटना उसके समुद्री जल में हुई थी और मरीन के खिलाफ मामला बनता है.

हालांकि दो हफ्ते पहले भारत सरकार ने अपने रुख में बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि केरल की पुलिस का इटली के जहाज पर कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता क्योंकि ये घटना सूदुर समुद्र में हुई थी.

हालांकि केन्द्र के इस रुख से केरल के अधिकारी इत्तफाक नहीं रखते.

असल में इटली पिछले महीने मृतकों के परिवार वालों को करीब एक-एक करोड़ रुपए देने पर राजी हुआ था जिसके बाद परिवारवाले मामला वापस लेने को तैयार हो गए थे.

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