राजस्थान भाजपा में वर्चस्व की लड़ाई तेज

  • 6 मई 2012
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Image caption वसुंधरा राजे ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था

राजस्थान में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में वर्चस्व की जंग और तेज हो गई है. पूर्व मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक विधायकों ने एक एक कर इस्तीफा देने का सिलसिला शुरू कर दिया है.

राजे समर्थक एक विधायक विजय बंसल ने कहा कि अब तक 30 से ज्यादा विधायक इस्तीफा दे चुके है.

उन्होंने कहा, ''हम राजे के साथ हैं और अपने-अपने इस्तीफे उनको सौंप दिए है." दूसरी ओर राजे ने पत्रकारों से कहा ये पार्टी का आंतरिक मामला है.

पार्टी में ये घमासान तब मचा, जब शनिवार शाम जयपुर में भाजपा की कोर कमेटी के सदस्य बैठे और पूर्व मंत्री गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित रथ यात्रा के बारे में पैदा हुए विवाद को हल करने पर विचार शुरू किया.

लेकिन जब राजे को लगा कि संगठन इस रथ यात्रा को स्थगित करने को तैयार नहीं है, वे एकाएक बैठक से उठ कर बाहर आईं और कहा कि वो रथ यात्रा स्थगित नहीं करने से बहुत दुखी है.

इस्तीफा

उन्होंने कहा कि जब वे अपने कार्यकर्ताओं के हितो की रक्षा नहीं कर पाएँगी तो इस्तीफा दे देंगी. राजे ये कह कर वो अपने घर के लिए रवाना हो गई. राजे ने कहा वो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ देंगी. इससे पार्टी में हलचल मच गई.

राजे और उनके समर्थक कटारिया की लोक जागरण यात्रा से बहुत नाराज थे और उसके स्थगन की मांग कर रहे थे. कटारिया विगत दो मई से रथ पर सवार होकर दक्षिण राजस्थान में यात्रा पर निकलने वाले थे.

लेकिन विवाद बढ़ा, तो कटारिया ने अपनी यात्रा को वापस लेने का ऐलान कर दिया. इससे विवाद का पटाक्षेप नहीं हुआ. राजे के समर्थक शनिवार रात से ही उनके घर जमा होने शुरू हो गए और उनमें से एक पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री किरण महेश्वरी ने भी उनकी हिमायत में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.

ये लोग अपने इस्तीफे अपनी नेता राजे के यहाँ सौंप रहे हैं. राजे समर्थक पूर्व मंत्री और विधायक रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि ये राजे के सम्मान की बात है. अगर सब अपनी अपनी यात्रा निकलने लगेंगे तो कैसे काम चलेगा.

दावा

भाजपा विधायक विजय बंसल ने दावा किया कि अब तक भाजपा के 79 में से 42 विधायक अपनी नेता को इस्तीफा दे चुके हैं. ज्यादातर विधायक उनके साथ हैं.

पार्टी में ये जंग आदिवासी बहुल मेवाड़ क्षेत्र में कटारिया और किरण महेश्वरी के बीच अधिपत्य को लेकर शुरू हुई और अब इस मुद्दे ने पार्टी को दो भागो में बाँट दिया है.

प्रेक्षक इसे बीजेपी में आरएसएस और गैर आरएसएस धड़े की लड़ाई के रूप में भी देख रहे है.

पार्टी में ये लड़ाई अब दिल्ली तक जा पहुंची है. राज्य में पार्टी के सांगठनिक प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी अपनी रिपोर्ट लेकर दिल्ली जा पहुंचे है.

सोलंकी शनिवार की उस बैठक में मौजूद थे, जिसमे कलह खुल कर सामने आ गई थी. जानकर सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने राजे को भी दिल्ली तलब किया है.

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