भारतीय सेना के 74 अधिकारी पाए गए हथियार बेचने के दोषी

  • 8 मई 2012
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Image caption भारतीय सेना के ही कुछ अधिकारी गैर क़ानूनी तरीकों से हथियार बेचते पाए गए हैं

भारतीय सेना ने अपने 74 अधिकारियो को हथियारों को गैर कानूनी ढंग से बेचने का दोषी पाया है.

इनमें से 33 के विरुद्ध सेना ने अनुशासन तोड़ने के लिए कार्रवाई की है.

बाकी बचे सैन्य अधिकारियों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है. फौज के अधिकारियो का हथियारों के गैर कानूनी खरीद फरोख्त में लिप्त होने का मामला राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले का है.

सेना के मुताबिक ये मामला वर्ष 2002 से 2004 के बीच का है.

एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच

आरोप है कि सैन्य अधिकारियो ने श्रीगंगानगर के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारिओ से सांठ गाठ कर आग्नेय अस्त्रों को बेच दिया.

भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस मामले में सेना ने कार्रवाई की है. इस घटना के बाद हथियार स्वीकार करने की प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किया है. ताकि ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो.’’

सेना ने इस मामले में कोर्ट ऑफ़ इन्कवारी का गठन किया था और पूरे मामले की जाँच करवाई.

इस जाँच में इन अधिकारियों को कसूरवार पाया गया.

उधर राजस्थान सरकार ने भी मामले में तहकीकात करवाई और राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया.

साथ ही राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच करने को कहा. ब्यूरो ने कोई चौदह एफआईआर दर्ज किए थे.

ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि इनमे से चार मामलो में अदालत में अभियोग दाखिल कर दिया गया है.

ब्यूरो के एक अधिकरी ने बताया कि ‘‘सैन्य हथियारों की गैर कानूनी बिक्री की इस घटना में कुछ मामलों की जांच अभी चल रही है. दो मामलो में जाँच मुकम्मल कर ली गई है और शीघ्र ही दोषी लोगो के विरुद्ध अदालत में इस्तगासा पेश कर दिया जायेगा.’’

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