हज सब्सिडी क्या है?

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Image caption हाजियों की यात्रा के खर्च का कुछ हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में मुहैया कराती है.

हर वर्ष भारत से हजारों मुसलमान सऊदी अरब हज के लिए जाते हैं. हाजियों की यात्रा के खर्च का कुछ हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में मुहैया कराती है.

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल प्रत्येक हाजी को अपनी यात्रा के लिए 16,000 रुपए देने होते हैं और हवाई यात्रा का बाकि खर्च सरकार उठाती है.

हाजियों को ले जाने का कार्यभार भारत के विदेश मंत्रालय का है.

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर गठित हज कमेटियां हाजियों के आवेदन से लेकर यात्रा से संबंधित जानकारी देने जैसे काम देखती हैं.

ये सुर्खियों में क्यों है

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी की आलोचना की है और इसे खत्म करने को कहा है.

कोर्ट ने इसे 10 साल की समयसीमा में धीरे-धीरे खत्म करने का आदेश दिया है. सन् 2006 से ही विदेश मंत्रालय और परिवहन और पर्यटन पर बनी एक संसदीय समिति ने हज सब्सिडी को एक समय सीमा के भीतर खत्म करने के सुझाव दिए थे.

हज के अलावा अन्य धार्मिक यात्राओं जैसे कैलाश मानसरोवर और ननकाना साहिब गुरुद्वारा की यात्रा के लिए भी सरकार सब्सिडी देती है.

पिछले वर्ष करीब डेढ़ लाख लोग हज पर गए थे और इनमें से सवा लाख ने सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाया था जिससे सरकार पर करीब एक हजार करोड़ रुपए का खर्च पड़ा था.

हज सब्सिडी पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. एक ओर तो धार्मिक मंशा से की जा रही यात्रा के खर्च का भार करदाता पर डालने तो दूसरी ओर ऐसी छूट से दक्षिणपंथी संगठनों की तुष्टि करने की आलोचना होती रही है.