हिलेरी-कृष्णा बैठक आज, कारोबार पर जोर

  • 8 मई 2012
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Image caption हिलेरी क्लिंटन एशियाई देशों के अपने दौरे के अंतिम चरण में भारत आई है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के बीच मंगलवार को विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने वाली है.

दोनों नेता दोपहर में प्रेस को भी संबोधित करने वाले है. हिलेरी क्लिंटन ने मंगलवार सुबह एक कार्यक्रम में भारत-अमरीका व्यापार पर जोर देते हुए दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों की तारीफ की.

अपने एशियाई देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव पर भारत आई हिलेरी इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिल चुकी है.

हिलेरी क्लिंटन और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फैले चरमपंथ समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस बैठक में मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड माने जाने वाले हाफिज सईद पर भी चर्चा हुई हालांकि बातचीत की बारीकियों को गुप्त रखा गया है.

हालांकि अमरीका की विदेश मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान सोमवार को कहा था कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में उतना काम नहीं किया है जितना भारत या अमरीका चाहते थे और संभवत: पाकिस्तान में छिपे अयमन जवाहिरी जैसे अल कायदा नेताओं को खोजने की जरूरत है.

पाकिस्तान से रिश्ते

दोनों देशों के बीच पाकिस्तान से रिश्तों को लेकर बातचीत हुई है.

गौरतलब है कि एक तरफ जहां बीते दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार हुए है, वहीं अमरीका-पाकिस्तान रिश्ते पिछले एक साल से दबाव में है.

साल 2014 में अफगानिस्तान से पश्चिमी देशों के सैन्यबलों के लौटने का बाद वहां की विकास और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो बैठक में इस बारे में भी बातचीत की गई.

भारत आने से पहले हिलेरी चीन भी गई थी, उन्होंने प्रधानमंत्री सिंह से इस दौरे के अनुभव भी बांटे.

मुद्दे

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Image caption हिलेरी क्लिंटन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सोमवार को मुलाकात की.

इसके अलावा बैठक में जिन मामलों पर चर्चा की गई उसमें नागरिक परमाणु सहयोग, ईरान परमाणु कार्यक्रम और रक्षा मामले प्रमुखता से शामिल थे.

दोनों पक्षों के बीच आर्थिक गठबंधन मजबूत करने पर भी चर्चा की गई.

हिलेरी ने अमरीका का पक्ष रखते हुए भारत में खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश का रास्ता खोले जाने की भी इच्छा जताई.

बैठक में भारत समेत अन्य देशों से ईरान के रिश्तों पर चर्चा हुई. ईरान पर प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ही अमरीका भारत और अन्य देशों पर ईरान से तेल आयात कम करने के लिए दबाव बनाती आई है.

हिलेरी ने कहा है कि भारत ने इस दिशा में अब तक जो कदम उठाए है वो सराहनीय है लेकिन उसे आगे भी इसे जारी रखने की जरूरत है.

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