तलवार दंपत्ती को राहत नहीं, 11 मई से सुनवाई

  • 9 मई 2012
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Image caption नूपुर तलवार न्यायिक हिरासत में डासना जेल में बंद है.

बहुचर्चित आरूषि-हेमराज हत्याकांड मामले में आरूषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार के खिलाफ गाजियाबाद के सत्र न्यायालय में 11 मई से मुकदमा चलाया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति सिंह ने मामले की सुनवाई के लिए इसे जिला सत्र न्यायालय भेज दिया.

पीटीआई के अनुसार सीबीआई की विशेष अदालत की जज प्रीति सिंह ने तलवार दंपत्ति की वो अपील खारिज कर दी जिसमें मामले से जुड़े़ दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने की मांग पूरी होने तक सुनवाई रोकने की बात कही गई थी.

अदालत ने मामले पर सीबीआई के नजरिए का समर्थन करते हुए कहा कि इन अपीलों के जरिए सिर्फ वक्त बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है.

तलवार दंपत्ति की अर्जी का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि जरूरी दस्तावेजों को बचाव पक्ष को उपलब्ध करा दिया गया है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सीबीआई के सभी दस्तावेजों को उन्हें दिया जाना जरूरी नहीं है.

सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 153 गवाहों के बयान लिए थे जिसमें से 90 गवाहों के बयानों की प्रति तलवार दंपत्ती को दिए जा चुके है.

दस्तावेज़ों की मांग

हालांकि अदालत ने तलवार दंपत्ति को सभी दस्तावेजों को देखने की अनुमति दी थी.

पीटीआई के अनुसार, सुनवाई के वक्त दोनों राजेश और नूपुर तलवार अदालत में उपस्थित थे. बाद में नूपुर तलवार को डासना जेल ले जाया गया.

नूपुर तलवार की जमानत याचिका को गाजियाबाद सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

राजेश तलवार और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि तलवार की हत्या 16 और 17 मई 2008 की मध्य रात को उनके नोएडा स्थित निवास कर दी गई थी.

इसके अगले दिन परिवार के नौकर हेमराज का शव उनके मकान की छत से बरामद किया गया था.

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