एयर इंडिया ने विदेशी उड़ानों की बुकिंग बंद की

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संकट से जूझ रही एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को अमरीका, कनाडा और यूरोप की उड़ानों के लिए 15 मई तक टिकट बुकिंग बंद कर दी है. हड़ताल के तीसरे दिन कंपनी ने नौ और पायलटों को बर्खास्त कर दिया.

पायलटों के आंदोलन के कारण इस सरकारी विमानन कंपनी को 20 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी है और इससे भारी तादाद में यात्रियों को परेशानी हो रही है.

इंडियन पायलट गिल्ड से जुडे़ 200 से ज्यादा पायलटों के काम पर लौटने से इनकार करने के बाद एयर इंडिया ने कहा है कि वह न्यूयार्क, न्यूजर्सी, शिकागो, टोरंटो, लंदन, पेरिस और फ्रैंकफर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर रही है. साथ ही कुछ अन्य देशों के लिए उड़ानें भी स्थगित की जा सकती हैं.

क्यों परेशानी में है एयर इंडिया?

45 पायलट बर्खास्त

एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को और नौ पायलटों को बर्खास्त कर दिया, जिससे इन बर्खास्त पायलटों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है.

मंगलवार को एयर इंडिया ने 10 पायलटों को बर्खास्त किया गया था , जिनमें से ज्यादातर इंडियन पायलट गिल्ड के पदाधिकारी थे,. इसके अलावा 26 अन्य पायलटों को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया था. एयर इंडिया के प्रबंधन ने आईपीजी की मान्यता भी खत्म कर दी है.

हड़ताली पायलटों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हस्तक्षेप कर मामला सुलझाने की मांग की है.

इंडियन पायलट गिल्ड के अध्यक्ष जितेंद्र ने पत्रकारों से कहा, ''ये मामला पायलटों के करियर के लिए जीवन-मरण का प्रश्न है. आईपीजी ने एयर इंडिया के प्रबंधन के साथ बातचीत की है लेकिन उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया. प्रबंधन का हमारी मांगों के प्रति रवैया बेहद निराशाजनक है.''

एयर इंडिया लगभग पचास अंतरराष्ट्रीय और 400 घरेलू उड़ानों का संचालन करता है.

इसबीच, नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा है, “यदि पायलट अदालत के आदेश का पालन नहीं करते तो वो मेरी क्या सुनेंगे, उन्हें हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए, यही कानून है लेकिन वो ऐसा नहीं करना चाहते.”

अजित सिंह ने फिर दोहराया कि सरकार पायलटों से बात करने के लिए तैयार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पायलट हाईकोर्ट का आदेश मानेंगे जिसके मुताबिक ये हड़ताल अवैध है.

इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को पायलटों की हड़ताल को गैर-कानूनी करार देते हुए चिकित्सा अवकाश पर जाने और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

एयर इंडिया से संबंध रखने वाले पायलटों के एक समूह का मानना है कि कंपनी के पास जो नया ड्रीमलाइनर विमान आ रहा है उस पर ट्रेनिंग और उसे उड़ाने का पहला अधिकार उन्हीं का है.

उनका तर्क है कि ये विमान एयर इंडिया ने खरीदने के ऑडर दिए थे, तब जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस अलग-अलग कंपनियाँ थीं जिनका बाद में विलय हो गया.

सरकार का कहना है कि चूंकि अब कंपनी एक है, इसलिए जितने पायलटों को ट्रेनिंग दी जाएगी उसमें दोनों पुरानी विमान कंपनियों के पायलट होंगे.

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