संसद के छह दशक पर विशेष सत्र

Image caption भारतीय संसद के साठ साल पूरे हो गए हैं

13 मई को लोकसभा और राज्यसभा की विशेष बैठकें आयोजित हो रही हैं. यह विशेष बैठक दोनों सदनों के पहले सत्र की साठवीं वर्षगाँठ पर बुलाई गई है और यह मुख्य रूप से भारतीय संसद के साठ वर्ष की यात्रा पर केंद्रित रहेगी.

राज्य सभा में बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे जबकि लोक सभा में वित्त मुखर्जी प्रणब मुखर्जी इस भूमिका को निभाएंगे.

इस आयोजन की प्रमुख कर्ता धर्ता लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार हैं जो कि दुनिया के सबसे बड़ो लोकतंत्र के इस विशेष दिन पर उद्धाटन भाषण देंगी.

करीब पांच घंटे के इस सत्र में प्रमुख दलों के सदस्यों के अलावा निर्दलीय और अन्य सदस्यों को भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा.

इस मौके पर पहली लोकसभा के कुछ सदस्यों को सम्मानित भी किया जाएगा, इसमें रिशांग कीशिंग और रेशम लाल जांगड़े भी शामिल हैं.

वरिष्ठतम सदस्य

91 वर्षीय रिशांग कीशिंग फिलहाल राज्य सभा सदस्य हैं और वे पहली और तीसरी लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. जबकि जांगड़े पहली,दूसरी और नवीं लोकसभा के सदस्य थे.

संसद के दोनों सदनों की बैठक रविवार को सुबह ग्यारह बजे शुरू होगी और यह शाम को 4-30 तक चलेगी.

शाम को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी.

संयुक्त बैठक

संयुक्त बैठक को राज्यसभा के सभापति और उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार भी संबोधित करेंगी.

इस मौके पर राष्ट्रपति पांच रुपये और दस रुपये के विशेष सिक्के भी जारी करेंगी. साथ ही तीन पुस्तकों का भी अनावरण करेंगी.

शाम को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है जिसमें संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा, सितार वादक देबू चौधरी, कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के गायक महाराजपुरम रामचंद्रन, सदाबाहर गायिका शुभा मुद्गल और इकबाल खान अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.

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